खुरई। क्षेत्रीय विधायक अरूणोदय चौबे ने शनिवार के दिन उपजेल का औचक निरीक्षण करने क्या जा पहुंचे, जेलर महोदय ने उनके सामने मांगों की झड़ी लगा डाली। जाते जाते टीनशेड तो ले ही लिया, लेकिन जेल प्रशासन के खिलाफ आ रहीं शिकायतों के मामले में गोलमोल जवाब देकर मामला रफादफा करने की कोशिश की।
विधायक श्री चौबे ने कैदियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। कैदियों से उनको मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी भी ली। निरीक्षण के दौरान विधायक श्री चौबे ने उनके खाने की व्यवस्था रसोई का जायजा, बैरिकों में साफ सफाई, बाथरूम शौचालयों में भी सफाई पाई गई, लेकिन पीने के पानी की भारी समस्या बताई गई।
पिछले कई सालों से जेल में कैदियों को पीने का साफ पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है। विधायक ने निरीक्षण लगभग एक घंटे तक किया।
सात दिन में होगा पानी की समस्या हल
औचक निरीक्षण के दौरान जेल में कैदियों के लिए पीने के पानी की विकट समस्या से चिंतित विधायक श्री चौबे ने सात दिन के अंदर ही पीने के पानी की समस्या का निदान करने का आश्वासन दिया है।
खरीद कर पी रहे है पानी
जेलर दिलीप सिंह भदौरिया ने बताया कि जब से जेल बनी है तब से पीने के पानी की भारी किल्लत है एक मात्र बोर जेल बनने के समय ही सूख गया था। जेलर श्री भदौरिया ने बताया कि एक किसान से खरीद कर पानी पी रहे हैं। उसका भी बोर पिछले सप्ताह सूख गया है जिससे नगर पालिका के टैंकरों द्वारा जल सप्लाई हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ माह पूर्व जेल डीजी भी आए थे उन्होंने पीने के पानी की समस्या को देखते हुए बोर खनन के लिए 3 लाख की राशि स्वीकृत कराई है। शीघ्र ही राशि विभागीय स्तर पर आ जाएगी।
टीनशेड की मांग
जेलर श्री भदौरिया ने बताया कि गर्मी और बरसात के दिनों में कैदियों के परिजनों को बैठने के लिए बड़ी समस्या होती है। एक टीन शेड की व्यवस्था के मांग करने पर विधायक श्री चौबे द्वारा 25 हजार रुपए की लागत के टीनशेड का आश्वासन जेलर को दिया है कि शीघ्र ही टीनशेड बनवा दिया जाएगा।
जेलर द्वारा पैसे लेने की शिकायत सामने आई
औचक निरीक्षण के दौरान पत्रकारों ने एसडीएम कमल सोलंकी को हुई शिकायत का हवाला देते हुए जेलर द्वारा कैदियों के परिजनों से मिलने और वकालतनामा पर हस्ताक्षर के बदले पैसे मागने की बात विधायक से पूछी तो उन्होंने कहा कि शिकायत की जानकारी लगी है किसी ने बाहर से ही शिकायत की है जेलर को आगे से ऐसी शिकायत नहीं आनी चाहिए।
मृतक ने की शिकायत
पैसे लेने के आरोप के संबंध में जेलर से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि यह शिकायत ही झूठी है क्योंकि पता लगाया गया है कि शिकायतकर्ता कौन है तो जानकारी लगी है कि शिकायतकर्ता तो लगभग सात साल पहले ही मर चुका है। तो मृत व्यक्ति कैसे शिकायत कर सकता है। यह बदनाम करने की साजिश की है।



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