बुधवार, 26 दिसंबर 2012

पीड़ित महिला पर टूटा दुखों का पहाड़, अब उसकी बच्ची की मौत

सागर।  विगत दिनों तिली अस्पताल के सफाई कर्मचारियों द्वारा गैंग रेप का शिकार हुई महिला पर मानो दुखों का पहाड़ टूट गया है। मंगलवार को उसकी मासूम बच्ची की भी भोपाल ले जाते समय मौत हो गई। गौरतलब है कि बंडा क्षेत्र की एक महिला की विगत दिनों अस्पताल के सफाईकर्मियों ने सामूहिक दुष्कृत्य किया था।

वहीं मामला उजागर होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने आनन फनन में महिला की पांच साल की मासूम बच्ची की हालत गंभीर होने के कारण भोपाल रैफर किया था। सागर से भोपाल ले जाते समय रास्ते में मासूम ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही लगातार जारी है। बताया जा रहा है कि अस्पताल   प्रबंधन की तरफ से एम्बूलेंस में एक काम्पाउंडर भेजा गया था। एम्बूलेंस में उसे उचित इलाज नहीं मिला। पीड़िता के पति ने एम्बूलेंस में उपस्थित क म्पाउंडर और तिली अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार दुखों की दुहरी मार से सद्मे में है।

महिला को जिंदा जलाया


मोतीनगर थाना क्षेत्र के राहतगढ़ बस स्टैंड के पास चार लोगों ने मिलकर एक महिला के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जला दिया। पीड़ित महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसका जिला चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस ने मामला दर्ज किया है। 

जानकारी के अनुसार राहतगढ़ बस स्टैंड के झुग्गी -झोपड़ी निवासी फरीदा खान पति शलीम खान उम्र 35 वर्ष को पडौस में रहने वाले चार आरोपी बल्ली, शकीर, शाहिल, ताहिर ने सिर पर मिट्टी का तेल डालकर आग के हवाले कर दिया। महिला करीब 90 फीसदी जल चुकी थी। लोगों ने उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। बताया जा रहा है कि महिला का आरोपियों से मकान को लेकर विवाद चल रहा था। इसी के चलते आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया। सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरु कर दी है।

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