गुरूवार की दरमियानी रात अज्ञात चोरों द्वारा न्यायालय परिसर स्थित श्री देव हनुमान मंदिर एवं मंदिर के ही अंदर विराजी देवी मां के सोने-चांदी के आभूषणों सहित दान पेटी से चंदा के 20 हजार रुपए और चढ़ोत्तरी के 1 हजार रुपए चोर ले उड़े। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह मंदिर के पुजारी सीताराम तिवारी ने जब मंदिर के मुख्य द्वार का ताला खोला तो अंदर मंदिर में विराजे हनुमान जी एवं देवी जी के मंदिर के दरवाजे खुले पाए गए, एवं वहां भगवान के वस्त्र आदि अस्त-व्यस्त हालत में दिखने पर उन्होंने तुरंत बार ऐसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष सिंह ठाकुर एवं सचिव कृष्ण मुरारी चौबे को मोबाइल के माध्यम से सूचना दी, सूचना मिलते ही यह लोग मंदिर परिसर में पहुंचे और तत्काल पुलिस थाने सूचित किया।
थाना प्रभारी उत्तम चैकसे अपने पुलिस बल के साथ मंदिर पहुंचकर जांच कार्यवाही कर अज्ञात चोरों के खिलाफ धारा 457 और 380 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया। सागर एफएसएल टीम के लिए टीआई द्वारा सूचित किया गया, तब दो घंटे बाद स्नाफर डाग सहित एफएसएल की टीम आई व टीम द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण किया परंतु एफएसएल टीम को कोई साक्ष्य नहीं मिले।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने की निंदा
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संतोष सिंह नाऊखेड़ा ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर प्रष्न चिन्ह लगाते हुए नगर में हो रही लगातार चोरियों का खुलासा न होना पुलिस की कार्य प्रणाली पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि न्यायालय ही सुरक्षित नहीं होगा व न ही भगवान सुरिक्षत रहेंगे तो नगर का आम आदमी कैसे सुरक्षित होगा। बढ़ती चोरियों को लेकर नगर में आक्रोश है।




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