खुरई। ग्राम खैजरा इज्जत निवासी रामस्वरूप पिता सुजान सेन उम्र 32 वर्ष को तीन साल से लंबित ग्रीन कार्ड स्वास्थ्य कर्मचारी से मांगना महंगा पड़ गया। राह चलते इस बात का तकाजा लगाने से नाराज स्वास्थ्य विभाग के बीपीएम प्रमोद सोनी ने पुलिस में शिकायत कर उसे थाने पहुंचवा दिया। जहां उसे घंटों थाने में बैठना पड़ा।
पीड़ित रामस्वरूप ने बताया कि उसका ग्रीन कार्ड बनने के लिए प्रकरण तीन साल से स्वास्थ्य केंद्र के प्रमोद सोनी के पास लंबित पड़ा है। कई बार शिकायतें बीएमओ,एसडीएम और जिला चिकित्सा अधिकारी से करने के बाद भी उसका कार्ड नहीं बन पा रहा है। अस्पताल के कई बार चक्कर लगाते है लेकिन हर बार दुत्कार कर भगा दिया जाता है। शनिवार की सुबह 11 बजे कचहरी के पास सोनी को देखकर कार्ड का पूछा तो आग बबूला हो गए ओर कहने लगे कि अस्पताल का काम अस्पताल में होता है। जब यह पूछा कि तीन साल से क्यों परेशान कर रहे हो तो इस बात से नाराज हो कर लड़ने पर उतारू हो गए और पलट कर जबाब देने पर पुलिस को बुलाकर बंद करा दिया। कई घंटों से थाने में बैठा हूूं। सोनी जी कभी कोई बहना बनाते तो कभी बोलते कि पत्नी के हस्ताक्षर करा के लाओ जब कार्ड मिलेगा। मैं कई बार बता चुका हूं कि मेरी पत्नी मर चुकी है हस्ताक्षर कैसे लाएं।
इस संबध में बीपीएम सोनी जी से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सेन का प्रकरण प्रक्रिया में है। सागर भेजा गया है। लेकिन सड़क पर उसके द्वारा बद्तमीजी की गई थी गाली गलौच कर रहा था। मारपीट पर उतारू हो रहा था इस वजह से पुलिस को बुलाकर शिकायत करना पड़ी।
भले ही प्रदेश सरकार स्वास्थ्य के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही हो लेकिन लोगों तक पूरा लाभ नहीं पहुंच रहा है। अभी भी खुरई स्वास्थ्य विभाग में पचासों ग्रीन कार्ड लंबित हैं जिनके हितग्राही कार्यालयों और अधिकारियोें के चक्कर काट रहे है। इसी मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया जा रहा है कि मामला कुछ समय पहले ही आया है जबकि लगभग तीन साल पहले एसडीएम की शियायत की पावती उसके पास है।



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