बीना। इसे विडम्बना ही कहा जाएगा कि पिछले दिनों दिल्ली में हुए रेप कांड के बाद देशवासियों को और सरकारों को महिलाओं के सम्मान की याद आई है। भले ही शास्त्रों में यह कहा गया हो कि यत्र नार्यस्तु पूज्यंते तत्र रमन्ते देवता किंतु वर्तमान में नारी समाज को ही अपने सम्मान के लिए सड़कों पर निकलना पड़ रहा है।
पिछले लगभग दो माहों से बीना में नारी सुरक्षा, नारी सम्मान आदि रैलियों में देखा जा रहा है कि इनमें छात्राओं और महिलाओं की संख्या ही अधिक होती है। बीना के पुरूष वर्ग एवं छात्र न तो इन रैलियों से कोई सरोकार रख रहे हैं और न ही नारी सम्मान के लिए अपना योगदान इन रैलियों एवं प्रदर्शनों में नहीं दे रहे हैं।
स्कूलों एवं कॉलेजों के छात्र नहीं आ रहे आगे
देखने में आ रहा है कि पिछले दो माहों में लगभग दर्जनभर से भी अधिक रैलियां, कॉलेज एवं स्कूल स्तरों पर आयोजित की जा चुकी हैं। इन रैलियों में स्कूलों एवं कॉलेजों के छात्र आ ही नहीं रहे हैं। मात्र कॉलेजों के प्रोफेसर या स्कूलों के शिक्षकों को नौकरी की मजबूरी के चलते इन रैलियों में आना पड़ रहा है। जबकि छात्रों को महिलाओंं के सम्मान के लिए आयोजित रैलियों में सबसे अधिक संख्या में आगे आना चाहिए था।
इस रैली में भी महिलाओं की अधिकता
शुक्रवार को गांधी तिराहे से महिला सम्मान रैली निकाली गई जिसमें विधायक डॉ.श्रीमति विनोद पंथी के साथ शासकीय संस्थाएं, समाजसेवी संगठन, स्कूली बच्चे शामिल थे। रैली गांधी तिराहे से होकर सर्वोदय चौक से होकर भाजपा ग्रामीण कार्यालय के पास एकत्रित हुई। जिसमें सभी महिला एवं छात्राओं ने मोमबत्ती जलाकर दामिनी को श्रद्धांजली दी। इस रैली में भी पुरूषों की संख्या उंगलियों पर गिनी जाने योग्य थी जबकि महिलाओं के सम्मान की रैली में खुद महिलाएं अपने सम्मान की दुहाई दे रही थीं।



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