सागर। रेल यात्रियों से हो रही लूट का सिलसिला लगातार जारी है। हालही में दुर्ग-जयपुर एक्सप्रेस में हुई पुलिस वर्दी मे चोरी की वारदात को रेलवे पुलिस व आला अधिकारी सुलझा ही नहीं पाए थे कि शुक्रवार को मकरोनियां स्टेशन से दो नकली टीसी पकड़े गए। सूत्रों के अनुसार आरोपी बिलासपुर भोपाल ट्रेन के यात्रियों की मकरोनियां रेलवे स्टेशन पर टिकट देख रहे थे। फिलहाल जीआरपी थाना पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला जांच में लिया है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 2 बजे भोपाल बिलासपुर ट्रेन मकरोनियां स्टेशन पर खड़ी थी। जब गाड़ी चली गई तब बहेरिया थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया निवासी विक्रम पिता गोटीराम उम्र 30 वर्ष एवं राजकुमार पिता नारायण प्रसाद निवासी सेमरा दोनों युवक रेलवे स्टेशन पर खड़े होकर गुजरने वाले यात्रियों से टिकट मांग रहे थे। मकरोनियां स्टेशन मास्टर को जब संदेह हुआ तो स्टेशन मास्टर ने आरपीएफ थाने को सूचना दी। मौके पर पहुंचे आरपीएफ एवं जीआरपी के पुलिसवालों ने आरोपी दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। खबर लिखे जाने तक दोनों आरोपी जीआरपी थाने में हिरासत में थे। फिलहाल उन पर कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था।
सुरक्षा से हो रहा खिलवाड़
रेलवे में यात्रियों से हो रही अवैध वसूली एवं चोरी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। रेलवे पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। जीआरपी और आरपीएफ पुलिस एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप करती है पर बदमाशों को पकड़ने में पुलिस नाकाम है। हालही में दुर्ग जयपुर एक्सप्रेस में यात्रियों के साथ खाकी वर्दी में हुई चोरी के मामले को लेकर जीआरपी और आरपीएफ की पुलिस आपस में ही भिड़ गए थे। रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा हांसिए पर है। बदमाश निडर होकर गाड़ियों में गंभीर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
चोरी मामले में हरकत में आए अफसर
दुर्ग जयपुर एक्सप्रेस में हुए चोरी कांड में आरपीएफ के तीन जवानों का नाम आने के बाद आरपीएफ के अफसर अब हरकत में आ गए हैं। गौरतलब है कि विगत दिनों चोरी कांड में यह खुलासा हुआ था कि टेÑन में चोरी करने वाले खाकी वर्दी में थे यात्रियों ने बताया था कि आरोपी पुलिवाले सागर स्टेशन पर ही उतरे थे। वहीं सागर आरपीएफ थाने के तीन लोगों का स्टाफ दुर्ग जयपुर एक्सप्रेस से सागर वापस आया था। हालांकि आरपीएफ पुलिस अधिकारी श्री उपाध्याय का कहना था कि आरपीएफ का स्टाफ दुर्ग जयपुर एक्सप्रेस से नहीं बल्कि कामायनी एक्सप्रेस से सागर वापस आया था। फिलहाल आरपीएफ के अधिकारी संदेही तीन जवानों से पूछताछ कर रही है। पीढ़ित यात्रियों से भी पूछताछ की जा रही है। शीघ्र ही मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।



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