रविवार, 16 दिसंबर 2012

वृहद लोक अदालत में निपटे 14 हजार से अधिक प्रकरण

बीना। न्यायालय परिसर में आयोजित वृहद लोक अदालत में लगभग 14 हजार से भी अधिक प्रकरणों को सुलझाया गया। लोक अदालत में प्रकरणों को निपटाने के लिए प्रमुख रूप से 6 से अधिक खंडपीठों का गठन किया गया था जिनमें बैंक वसूली, नपा वसूली, चैक बाउंस, सिविल भरण पोषण, सुलह राजीनामा, सीमांकन बटवारे एवं राजस्व से जुड़े कई प्रकरणों का निराकरण किया गया।

प्रथम श्रेणी न्यायाधीश आरके देवलिया ने पहली खंडपीठ, न्यायाधीश निधि सक्सैना ने दूसरी खंडपीठ पर मामलों की सुनवाई की। नायब तहसीलदार कोर्ट में भी लगभग 1100 से अधिक नक्शों की नकलें जारी की गईं। महिला एवं बाल विकास विभाग में लाड़ली लक्ष्मी योजना के 950 प्रकरण स्वीकृत किए गए। जनपद पंचायत द्वारा बीपीएल एवं एपीएल के 1500 कार्ड एवं 262 जॉव कार्ड बनाए गए। 

नगरपालिका को हुई 4.50 लाख रुपए की आय


वृहद लोक अदालत में सबसे ज्यादा लाभ बीना नगरपालिका को हुआ। जहां संपत्ति, सफाई, प्रकाश कर के 64 प्रकरणों में लगभग 4 लाख 50 हजार रुपए की वसूली की गई। विभिन्न बैंक प्रकरणों में भी लगभग 7 लाख रुपए की वसूली की गई। 

नथुआ हो गया जिंदा


वृहद लोक अदालत में ग्राम पिपरासर बरोदिया के किसान नत्थू पिता हम्मीर को सरकारी रिकार्ड में मृत घोषित कर दिया गया था, किंतु लोक अदालत ने नथुआ को राजस्व विभाग के माध्यम से जीवित होने का प्रमाण पत्र दे दिया। लगभग 2 माह पूर्व भू-ऋण पुस्तिका में राजस्व अधिकारियों एवं पटवारियों की गलती से नथुआ अहिरवार को फौत दर्ज कर लिया गया था। यह घटना प्रमुख समाचार पत्रों की सुर्खियां भी बनी थी। 

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