शनिवार, 29 दिसंबर 2012

संविदा टीबी कर्मी लिखेंगे मुख्यमंत्री को पत्र

सागर। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के   अंतर्गत विगत कई वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण और संविलियन हेतु सामाजिक न्याय एवं पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव, मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखेंगे। संविदा टीबी स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन के संभागीय इकाई द्वारा अपनी मांगों के विषय में पं. भार्गव से गढ़ाकोटा स्थित उनके निवास पर चर्चा की और ज्ञापन सौंपा।

संघ के संभागीय अध्यक्ष अमिताभ चौबे ने बताया कि मंत्री श्री भार्गव द्वारा कर्मचारियों की प्रत्येक समस्या को गंभीरता से विचार किया गया है। दस वर्ष से अधिक सेवा दे चुके संविदा कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने का आश्वासन श्री भार्गव ने दिया है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह तोमर, अखिलेश भट्ट, अभिनेश द्विवेदी, राजकुमार पांडे, राजेश उपाध्याय, भूषण पटेल, प्रदीप राही, अनिल कुमार आठ्या, जितेन्द्र वर्मा, हेमराज सिंह, विनोद वंशकर, भूरेलाल अहिरवार, नरेश सैनी सहित बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी उपस्थित थे।

संविदाकर्मियों की यह प्रमुख मांगे


स्वास्थ्य विभाग में सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए। कर्मचारियों का वेतन भत्ता बढ़ाया जाए। संविदा कर्मचारियों को मेडीकल एवं मातृत्व अवकाश जैसी मूलभूत मानवअधिकार प्राप्त हो अर्थात् प्रत्येक गंभीर बीमारी तथा महिला संविदाकर्मियों के प्रसूती कार्य में अनुपस्थित दिनों का वेतन दिया जाए। टीबी की संक्रमित बीमारी की चपेट में आने अथवा दो पहिया वाहन से ग्रामीणों क्षेत्रों मे भ्रमण में दुर्घटना हो जाने पर शासन से कोई सुविधा उपलब्ध नहीं होती अत: कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखा जाए। योग्यता के आधार पर राज्य शासन के नियमित पदों पर संविलियन किया जाए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अनेक राज्यों में संविलियन की प्रक्रियाधीन है, जिसमें हिमांचल प्रदेश, तमिल्नाडू, पंजाब और दिल्ली हैं। हमारे प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के 48 प्रतिशत पैरामेडिकल पद रिक्त होने के बावजूद शासन द्वारा ऐसी कोई नीति नहीं बनाई गई है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...