शनिवार, 23 फ़रवरी 2013

रोजगार मेले का आयोजन: विकलांग बेरोजगार को मिली निराशा

बीना। विधायक डॉ. श्रीमती विनोद पंथी ने रोजगार मेला का माँ सरस्वती जी का पूजन एवं माल्यार्पण कर मेला का शुभारंभ किया। भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना एवं डीपीआईपी रोजगार मेला का आयोजन किया गया।

जिसमें लगभग 8 प्रायवेट कंपनियों ने भाग लिया। यह कंपनियां भोपाल, इंदौर, गुजराज, मुंबई आदि जगहों से ये कंपनियां इस मेले में शिक्षित युवा बेरोजगारों का पंजीयन कर एवं साक्षात्कार उन्हें संबंधित व्यवसाय का एवं ट्रेडों का प्रशिक्षण कर चयन प्रक्रिया पूर्ण कर रोजगार के अवसर प्रदान करके 3 हजार रुपए से 6 हजार रुपए तथा 8 हजार रुपए तक के पद हेतु अवसर प्रदान करने हेतु पंजीयन किया गया। 

मेले में स्वरोजगार सिलाई मशीन ट्रेनिंग, मोमबत्ती, अगरबत्ती बनाने की ट्रेनिंग, इलेक्ट्रिक मोबाईल रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर, डेयरी प्रबंधन, कम्प्यूटर हार्डवेयर, फोटोग्राफी, वीडियो ग्राफी आदि से संबंधित बेरोजगारों को शामिल किया गया। रोजगार सीधी भर्ती में कपड़ा मिल, सुरक्षा गार्ड, फायर फेब्रीकेशन, फील्ड सहायक, कांच कटिंग, कटिंग ओर सेविंग, कम्प्यूटर हार्डवेयर, एमएस आफिस, इंश्योरेंस, फार्म सहायक, मेसन, मोबाईल फोन सर्विसिंग, कम्प्यूटर एकाउंटिंग, कम्प्यूटर टीचर ट्रेनिंग आदि संबंधित पंजीयन किए गए।

जहां एक ओर रोजगार मेले में उत्साहित होकर कई युवाओं को रोजगार हेतु सुनहरे मौके मिले वहीं एक विकलांग युवक को इस रोजगार मेले से निराशा हासिल हुई। ग्राम भानगढ़ से आए दोनों पैरों से अपाहिज मुकेश कुमार प्रजापति जो बीए एवं कम्प्यूटर डिप्लोमा की शिक्षा प्राप्त किए हैं को रोजगार मेले में आई लगभग सभी कंपनियों ने नौकरी देने से इंकार कर दिया। इस संदर्भ में   डीपीआईपी के डायरेक्टर हरीश दुबे ने बताया कि रोजगार मेले में विकलांगों के लिए रोजगार नहीं दिए जाते।

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