बीना। जीआरपी थाने की सर्विस रिवाल्वर जो लगभग 6 माह पूर्व अचानक गायब हो गई थी वह अचानक नाटकीय घटनाक्रम में मिल गई। रहस्मय ढंग से गायब रिवाल्वर की घटना के बाद मजिस्ट्रीयल जांच की जा रही थी साथ ही संबंधित पुलिसकर्मी को भी लापरवाही के कारण सस्पेंड कर दिया गया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीना जीआरपी से 17 जुलाई को एक सर्विस रिवाल्वर अचानक गायब हो गई थी। जीआरपी ने सर्विस रिवाल्वर गायब होने की बात को पहले तो दबाए रखा बाद में मीडिया और अखवारों में जानकारी मिलने के बाद बीना से भोपाल तक के जीआरपी अधिकारी हरकत में आ गए। घटना के लगभग 20 दिन बाद प्रधान आरक्षक रामसेवक को निलंबित कर दिया गया।
एसडीएम को सौंपी गई थी जांच
सर्विस रिवाल्वर गायब होने की जांच सागर जिला कलेक्टर ने एसडीएम कर्मवीर शर्मा को सौंपी थी जिसमें एसडीएम द्वारा जांच के दौरान संबंधितों के कथन भी लिए गए थे। जीआरपी थाना प्रभारी के अनुसार रिवाल्वर थाने के मर्ग मालखाने में सफाई के दौरान मिल गई है और 14 दिसंबर को उसकी जब्ती भी बना ली गई है यहां गौरतलब है कि चार दिन पूर्व रिवाल्वर मिलने के बाद भी मजिस्ट्रीयल जांच कर रहे अधिकारी एसडीएम कर्मवीर शर्मा को रिवाल्वर मिलने की कोई सूचना नहीं दी गई।
जीआरपी छिपा रही महत्वपूर्ण तथ्य
6 माह पूर्व 17 जुलाई को प्रधान आरक्षक रामसेवक ने ड्यूटी के दौरान उसे मिलने वाली सर्विस रिवाल्वर एवं कारतूस ड्यूटी समाप्ती के बाद जीआरपी थाने के मालखाने में जमा कराई थी। मालखाने के रिकार्डों में कारतूस तो जमा होने की बात दर्ज थी किंतु रिवाल्वर जमा नहीं था। इस मामले में प्रधान आरक्षक को सस्पेंड करने के दौरान भी उसके द्वारा रिवाल्वर व कारतूस जमा कराने की बात कही गई थी किंतु उसकी एक नहीं सुनी गई। प्रधान आरक्षक द्वारा यह भी कहा गया था कि कुछ सहकर्मी उसे फंसाने के लिए ऐसा षडयंत्र रच रहे हैं। अब अचानक मालखाने से रिवाल्वर मिलने पर जीआरपी अधिकारी मनगढ़ंत कहानी बताकर असली तथ्यों को छिपाने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं।



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