मंगलवार, 5 फ़रवरी 2013

मृतआत्मा के खिलाफ FIR

राहतगढ़। नगर में विगत 24 जनवरी को झण्डा लगाए जाने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न होने पर पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही में लापरवाही और क्षेत्र की अनभिज्ञता का ऐसा नमूना देखने को मिला जिसे सुनकर खुद पुलिस जवाब देने की स्थिति में नहीं है।

राहतगढ़ पुलिस ने एक ऐसे युवक के खिलाफ प्रकरण कायम किया है जिसकी मृत्यु करीब दो वर्ष पहले एक सड़क दुर्घटना में हो चुकी है एवं उसके परिजनों को उसकी मृत्यु क्षतिपूर्ति के रूप में पैसा भी मिल चुका है। पुलिस की क्षेत्रीय लोगों के प्रति अनभिज्ञता एवं लापरवाही का पता इससे चलता है कि बजरंग दल के नगर संयोजक रहे लक्ष्मन पिता बृजलाल प्रजापति निवासी वार्ड 9 राहतगढ़ के घर पुलिस नोटिस लेकर पहॅच गई। इससे पुलिस की मरे हुए व्यक्ति के प्रति असंवेदनशीलता का पता चलता है। 


लोगों का कहना है कि घटना वाले दिन पूरे समय पुलिस एवं प्रशासन मौजूद रहा जिसमें एसडीओपी एस.एस. सिकरवार, एसडीएम सुरेश अग्रवाल, तहसीलदार अनिल जैन, टीआई अशोक पाण्डेय सहित अनेक अमला पूरे समय शोभायात्रा एवं कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित थे, ऐसे में उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कर देना जो इस दुनिया में ही नहीं। इससे पता चलता है कि पुलिस एवं प्रशासन क्या सिर्फ औपचारिकता निभा रहे थे तथा इस मामले में पुलिस का खुफिया सूचना तंत्र भी क्या सोया हुआ था। 


अब पेशी पर कहां से आएगा मुलजिम


इस प्रकरण में 6 फरवरी को तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत होना है लेकिन जिस मृत व्यक्ति पर प्रकरण दर्ज किया गया है वह अब इस दुनिया में ही नहीं है। ऐसे में पुलिस तहसील न्यायालय के सामने मुलजिम को कैसे पेश करेगी, यह बात क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। 

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