शुक्रवार, 8 मार्च 2013

अधिनियम को ताक पर रखकर हो गया कृषि मंडी में विशेष सम्मेलन

बीना। कृषि मंडी बीना को नवनिर्वाचित मण्डी अध्यक्ष श्रीमती प्रीति नायक अपने व्यक्तिगत कारणों से अब मण्डी अधिनियम को ताक पर रखकर बैठकें आयोजित कराने लगी हैं। शुक्रवार को कृषि मण्डी सभा गृह में मण्डी सदस्यों का विशेष सम्मेलन आयोजित किया गया।

इस विशेष सम्मेलन में मण्डी अध्यक्ष सहित 12 में से मात्र 6 सदस्य उपस्थित रहे। आनन फानन में बुलाए गए इस विशेष सम्मेलन में कृषि मंडी अधिनियम मेंं दर्ज नियमों को भी मंडी सचिव केके रैकवार द्वारा मण्डी अध्यक्ष के प्रभाव में आकर ताक पर रख दिया गया। उल्लेखनीय है कि मण्डी अधिनियम की बैठक संबंधी उपधारा(2) में स्पष्ट उल्लेखित है कि मण्डी के निर्वाचित सदस्यों के विशेष सम्मेलन की सूचना सम्मेलन दिनांक मे तीन दिन पूर्व सभी सदस्यों को दी जाना अनिवार्य है। जबकि सचिव ने मण्डी सदस्यों को गुरूवार की शाम को बैठक एजेंडा संबंधी सूचना दी। नियमानुसार मण्डी सदस्यों को मण्डी अधिनियम के अनुसार यह सूचना मंगलवार 5 मार्च को दी जानी चाहिए थी।

सचिव दे रहे गोल मोल जबाब

इस संदर्भ में जब स्थानीय पत्रकार मण्डी सचिव के पास पहुंचे तो सचिव महोदय पूरी तरह से मण्डी अध्यक्ष के रंग में रंगे हुए नजर आ रहे थे। पत्रकारों को गोल मोल जबाब देते हुए मण्डी सचिव का कहना था कि हमने अपने डिस्पेच विभाग में 5 मार्च को एजेंडा सूचना पत्र दे दिए थे। वह सदस्यों के पास क्यों नही पहुंचे इस बारे में मैं कुछ नही कह सकता। बाद में मण्डी सचिव अपने वक्तव्य बदलते हुए यह कहने लगे कि मण्डी अध्यक्ष को किसी धार्मिक आयोजन में शामिल होने जाना था इसलिए बिना नियमानुसार सूचना दिए बैठक बुला ली। इसी संदर्भ में डिस्पेच विभाग के कर्मचारी नंदू से जब पत्रकारों ने पूछताछ की तब उन्होंने कहा कि सचिव साहब ने हमें गुरूवार की शाम को नोटिस दिए थे। अधिकांश सदस्य किसान हैं और गांव में रहते हैं ऐसे में एक रात में नोटिस सभी के पास पहुंचाना संभव नही था।

हम्माल सदस्य ने की शिकायत

कृषि मंडी हम्माल यूनियन अध्यक्ष एवं हम्माल सदस्य संतोष अहिरवार ने एसडीएम कर्मवीर शर्मा से मंडी अधिनियम को ताक पर रखकर की गई बैठक सम्बंधी शिकायत की है। संतोष अहिरवार ने बताया कि उनके पास गुरूवार की शाम यह सूचना पहुंची उनका यह भी आरोप था कि कई मण्डी सदस्यों तक तो सूचना ही नही पहुंची।

85 लाख के कार्यों पर लगाई मुहर

मण्डी अधिनियम के विपरीत बुलाए गए विशेष सम्मेलन में मण्डी अध्यक्ष श्रीमती प्रीति नायक और उनके समर्थक सदस्यों ने मण्डी में लगभग 85 लाख रूपए के निर्माण कार्याे की सूची पर मुहर लगा दी। इन निर्माण कार्यों में कितना भ्रष्टाचार किया जाएगा यह तो समय ही बताएगा बहरहाल एक बात अवश्य है कि मण्डी में अब भ्रष्टाचार की नई कहानी मण्डी सचिव और अध्यक्ष मिलकर लिखने के लिए तैयार दिखाई दे रहे है।

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