गुरुवार, 28 फ़रवरी 2013

सेवाशुल्क देने के बाद भी अधूरे पड़े विकास कार्य

राहतगढ़। शासन द्वारा गांव के सुनिश्चित विकास के लिए अनेक योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए जा रहे हैं तथा ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं एवं योजनाओं का लाभ दिए जाने हेतु अनेक प्रयास किए जा रहे हैं उसके बाद भी कई गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित नजर आ रहे हैं। ऐसा ही हाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत रजवांस का बना हुआ है।

जहां सरपंच पति एवं सचिव अपनी मनमर्जी से पंचायत का संचालन कर रहे हैं, जहां अनेक विकास कार्य प्रस्तावित होने के बाद भी सरपंच पति द्वारा उनका क्रियान्वयन अपनी मनमानी अनुसार किया जा रहा है। गांव में सीसी रोड एवं नाली सहित अनेक विकास कार्य तो सिर्फ कागजों में पूर्ण हो रहे हैं, ग्रामवासियों का कहना है कि पंचायत की सरपंच जहां महिला हैं परन्तु वह नाम मात्र की सरपंच साबित हो रही हैं क्योंकि पंचायत के विकास कार्यों का संचालन उनके पति द्वारा घर बैठे सचिव के माध्यम से कराया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों को शासन की कल्याणकारी पेंशन योजना, राशन कार्ड, मजदूर सुरक्षा योजना, कर्मकार मंडल आदि योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा है।

जगह-जगह है गंदगी का आलम

 गांव में जगह-जगह कीचड़ एवं गंदगी के ढेर लगे होने के कारण ग्रामवासी विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं वहीं हितग्राहियों के शौचालय, कुटीरें बनाने में भी मनमानी बरती जा रही है। जानकारी के अनुसार सैकड़ों जाबकार्डधारी मजदूरों को सरपंच पति एवं सचिव द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा है। ग्राम के हितग्राही अमोल खंगार ने बताया है कि उनका कुंआ विगत तीन वर्षों से आधा अधूरा पड़ा हुआ है, कुएं का निर्माण कार्य कराने सेवाशुल्क खर्च करने के बाद भी पंचायत द्वारा कार्य पूर्ण नहीं कराया जा रहा है। 

वहीं ग्रामवासियों का कहना है कि पूर्व में कई बार सरपंच पति एवं सचिव की मनमानी की शिकायत की गई परन्तु कोई कार्यवाही न होने के चलते वह अपने मनमाने ढंग से पंचायत के कार्यों का क्रियान्वयन हो रहा है। वहीं सूत्र बताते हैं कि शिकायत के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने उन ही अधिकारियों से जांच कराई जिनके मार्गदर्शन में ही उक्त कार्य हुए थे, जिन्हें जांच में शत प्रतिशत होना दर्शा दिया गया।

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