बीना। रविवार को महाशिव रात्रि का पर्व शहर में श्रृद्धाभाव एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। सभी शिव मंदिरों को फूलों की सजावट से आकर्षक बनाया गया था। महादेव का विशेष अभिषेक किया गया। श्रृद्धालुओं ने विशेष पूजा अर्चना की एवं बम-बम भोलेनाथ के जयकारे लगाए।
वेद शास्त्रों का परसार यही है कि आशुतोष भगवान शंकर तोड़ी सी उपासना व पूजा पाठ से ही प्रसन्न होकर व्यक्ति के सफल मनोरथ की पूर्ति करते हैं। हिन्दू धर्म में केवल महादेव ऐसे विशिष्ठ व्यक्तिव हैं संपूर्ण ग्रस्त परिवार के साथ पूजे जाते हैं। हमने बहुत सारी रचनाएं देखी हैं जिनमें महादेव, गौरी, गणेश, गंगा, कार्तिके एंव नंदी के साथ विराजित देखे जा सकते हैं। यह वही महादेव हैं जो अन्य रचनाओं में कए वैरागी एवं तपस्वी के रूप में नारायण के राम रूप में अध्यानरत हैं।
भोलेनाथ की निकली बारात
छोटी बजरिया स्थित शिव मंदिर जहां शिवलिंग निर्माण का समापन हुआ इसके साथ भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक हुआ। इसके बाद बारात निकाली गई। जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल थे। वहीं शहर के कई मंदिरों पर महाशिवरात्रि पर मंदिरों में भंडारों का आयोजन किया गया। इसके साथ ही मां जागेश्वरी शक्तिपीठ, मारूति मंदिर, नागेश्वर मंदिर, शिव मंदिर, जटाशंकर मंदिर, बड़ा मंदिर, कटरा मंदिर सहित अनेक शिव मंदिरों पर भक्तों ने जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प, दही एवं अन्य सामग्री से पूजा अर्चना की। दिन भर मंदिरों पर भक्तों का आना जाना लगा रहा। रात में जगह-जगह भजनों का आयोजन किया गया।



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