सागर। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 जनवरी गणतंत्रदिवस के दिन सागर में ध्वजारोहण कर जो स्कूली छात्र-छात्राओं को सौगात बांटी और मुख्यमंत्री संदेश के वाचन में घोषणाओं का पिटारा खोला और सभी वर्गो को इसमें लाभांवित करने की बात कही। इसको लेकर राजनैतिक गलियारों में चचार्ओं का बाजार गर्म है और जिले में तरह तरह की चर्चाएं चल रही है।
बुंदेलखंड के दमोह छतरपुर, टीकमगढ़ जिले का दौरा कर मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकत्र्ताओं में ऊर्जा का शंखनाद कर सरकार की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने का ना केवल आव्हान किया बल्कि यह भी बताने का प्रयास किया कि सरकार ने जितनी योजनाएं प्रदेश को दी हैं। उसका सब को लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री के सघन दौरा में विधानसभा चुनाव प्रत्याशी चयन की नब्ज भी टटोली जा रही है। जहां एक ओर प्रभावशाली दबंग नेता लंबे समय से पार्टी के आयोजनों में आने से कतराते थे अब वही नेता देर रात तक मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में शिरकत करते देखे जा रहे है।
पार्टी सूत्रों का मानना है 25 जनवरी को मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम में ही जिले की विधानसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक गुणा भाग लगाया गया। पार्टी सूत्रों का मानना है कि सीएम का रात्रि विश्राम जिले की आठों विधानसभाओं में प्रत्याशी चयन को लेकर हुआ। सूत्रों का मानना है कि जिले के 8 विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की जीत हासिल हो इसको ध्यान में रखते हुए उन्होने बीना विधानसभा क्षेत्र से धरमू राय, खुरई विधानसभा क्षेत्र से सौवीर जैन, धर्मेन्द्र सेठ, गोविंद सिंह मालथौन, जिनेन्द्र गुरहा का पैनल बनाया है। नरयावली विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान विधायक प्रदीप लारिया की टिकट कटना तय माना जा रहा है। उनके कार्यकाल में बहुत से कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हुए हैं। पूर्व मंडल अध्यक्ष भी उनसे खफा चल रहे हैं। नरयावली क्षेत्र में भाजपा की तरफ से नारायण कबीरपंथी, अरविंद तोमर, संतोष रोहित, हीरालाल खटीक की दावेदारी प्रमुख रूप से मानी जा रही है।
सागर विधानसभा क्षेत्र में विधायक शैलेन्द्र जैन की लगनशीलता और प्रतिदिन चुनाव की तैयारी जैसे कार्यक्रम से उन्होने सागर विधानसभा क्षेत्र में अच्छी खासी पकड़ बना ली है लेकिन सांसद भूपेन्द्र सिंह को इस विधानसभा में लाने के लिए शैलेन्द्र जैन को बंडा विधानसभा क्षेत्र और वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व मंत्री हरनाम सिंह राठौर को देवरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव में उतारा जा सकता है। कहा जा रहा है कि देवरी विधानसभा का फैसला यहां व्याप्त गुटवाजी के रहते लिया जा रहा है ताकि यहां फैली गुटबाजी पर विराम लग सके और भाजपा की यह सीट बरकरार रहे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि रहली विधानसभा क्षेत्र को लेकर मंथन करना उचित नहीं समझा।
सुरखी क्षेत्र का इतिहास रहा है कि 1952 से 2008 तक के चुनाव में जो नतीजे आए हैं उससे यह माना जाता है कि दो बार से अधिक सुरखी क्षेत्र के मतदाताओं ने किसी भी जनप्रतिनिधि को तीसरे बार विधानसभा में जाने का अवसर नहीं दिया। वर्तमान हालात में विधायक गोविंद सिंह राजपूत सुरखी क्षेत्र में सतत जनसंपर्क कर भाजपा सरकारी की असफलता की कहानी गांव-गांव जाकर जनदर्शन के माध्यम से जनता को सुना रहे हैं फिर भी इस क्षेत्र से भाजपा और कांर्ग्रेस के बीच चुनावी समीकरण बनाने के लिए मुख्यमंत्री पूर्व विधायक संतोष साहू, पूर्व मंडी अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह मोकलपुर के नामों पर मंथन कर सकते हैं।
कांग्रेस की स्थिति
मिशन 2013 की तैयारी के लिए कांग्रेस ने शहर के आदर्श गार्डन में कार्यकतार्ओं की बैठक ली उसमें जो नेता प्रदेश सरकार के खिलाफ आए दिन जनता की मांगोंं को लेकर आंदोलन करते रहने थे उन नेताओंं को पार्टी से इस ढंग से निकाला गया कि वह मिशन 2013 के चुनाव में कहीं कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करते भी नजर ना आएं। कांग्रेस के संगठानात्मक दृष्टि से जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष का पूरा ध्यान सुरखी विधानसभा क्षेत्र पर केन्द्रित हैं और सुरखी में ही उनकी राजनीति समर्पित है जहां से उनके अनुज विधायक हैं जो इतिहास को चुनौती देते हुए हैट्रिक बनाने के लिए जीजान से जुटे हैं।
बीना विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक की कार्यशैली से कांग्रेस के नेताओं में अच्छा खासा उत्साह है यही कारण है कि इस बार भाजपा को बड़ी चुनौती मिलेगी।
खुरई विधानसभा क्षेत्र में कमनाथ समर्थक अरूणोदय चौबे ने विधायक रहते हुए अपने चार साल के कार्यकाल में नाराज मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए कोई को कसर नहीं छोड़ी है और मतदाताओं के बीच जाकर पकड़ बना ली है। नरयावली क्षेत्र से सुरेन्द्र चौधरी, देवेन्द्र तोमर, मुन्नालाल अहिरवार, शारदा खटीक सक्रिय भूमिका निभाने में लगे हैं।
सागर विधानसभा क्षेत्र से संतोष पाण्डे, स्वदेश जैन, रामजी दुबे के नामों पर कांग्रेस विचार कर सकती है।
बंडा विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान विधायक नारायण प्रजापति हैं यहां कांग्रेस से टिकट लेने वालों की लंबी फौज है नारायण अपने टिकट को क्लीयर मानकर क्षेत्र में मतदाताओं के बीच जाकर सतत जनसंपर्क बनाने में लगे हैं। देवरी विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो कांग्रेस नेताओं में बृजेन्द्र देवलिया, सुनील जैन, बृज बिहारी पटैरिया, अनिल जैन प्रमुख दावेदार हैं। हालांकि हर्ष यादव की दावेदारी भी इस क्षेत्र में अधिक थी लेकिन फिलहाल वो पार्टी से निलंबित चल रहे हैं।



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