मंगलवार, 18 दिसंबर 2012

एक लाइसेंस पर गांव-गांव चल रही उपकलारियां

बीना।  क्षेत्र में शराब का अवैध धंधा जोरों पर चल रहा है। आबकारी व पुलिस विभाग के संरक्षण में फल-फूल रहे इस कारोबार के  कारण आमजन परेशान है। गांव में बिकने वाली शराब के कारण आए दिन लड़ाई-झगड़े होने लगे हैं। वहीं नवयुवक भी नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं।

शराब ठेकेदारों द्वारा एक लाइसेंस पर गांव-गांव में उपकलारियां अवैध रूप से संचालित की जा रही हैं। इतना ही नहीं आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से शराब ठेकेदार किसी भी निर्धारित स्थान की दुकान अन्य स्थानों पर संचालित करके आबकारी कानून का मखौल उड़ा रहे हैं। यह सब आबकारी एवं पुलिस विभाग से छिपा नहीं है।

नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में शराब का अवैध कारोबार बदस्तूर जारी है। शाम होते ही शराबियों के जमघट यहां-वहां देखने को मिल जाते हैं। आबकारी विभाग तथा पुलिस प्रशासन को इस अवैध कोरोबार की जानकारी तो है, लेकिन आबकारी विभाग द्वारा कार्यवाही न की जाना उसकी मौन सहमति है। जिससे इन शराब माफियाओं के  हौसले बुलंदी पर हैं। 

जिससे न केवल प्रशासन की छवि धूमिल हो रही बल्कि नवयुवक भी शराब की लत से अपना भविष्य चौपट कर रहे हैं। आबकारी विभाग एवं पुलिस इनके विरूद्घ छुटपुट कार्यवाही कर कागजी खानापूर्ति तो कर लेती है। परंतु आपसी सांठगांठ कर ये विभाग इस अवैध कारोबार को जेबें भरने का माध्यम बनाए हुए है। नगर में अनुशासन नाम की कोई चीज नहीं है, शाम ढलते ही प्रताप वार्ड पुराना गल्ला मंडी, भीम वार्ड, गनेश वार्ड, भगतसिंह वार्ड, नानक वार्ड, इंदिरा गांधी वार्ड, सुभाष वार्ड आदि वार्डों में शराब का अवैध रूप से बिकना प्रारंभ हो जाता है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार प्रतिदिन मोटरसाईकिलों पर लादकर अवैध शराब लाई जाती है।

गांव-गांव में खुली उपकलारियां


शहर के अलावा ग्रामीण के प्रत्येक गांव में अवैध रूप से ठेकेदार द्वारा उपकलारी खुलवा देशी एवं अंग्रेजी शराब बिकवाई जा रही है। प्रत्येक गांव में मदिरा प्रेमी को बड़ी आसानी से शराब उपलब्ध हो जाती है। गांवों में अवैध रूप से शराब बिकने से गांव का माहौल दूषित हो रहा है। ग्राम आगासौद, रिफायनरी क्षेत्र, जेपी पॉवर प्लांट के पास, सेमरखेड़ी, देहरी, बेलई, बिहरना, कंजिया, सिरचौंपी, सतौरिया, ऐरण सहित डेढ़ दर्जन गांवों मे अवैध रूप से शराब बेचने का कारोबार बेखौफ  रूप से किया जा रहा है। पुलिस एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों से सांठ-गांठ होने के कारण शराब ठेकेदारों के हौसलें बुलंद हैैं और एक लायसेंस पर कई उपकलारियां चला रहे हैं।

यहां नहीं पहुंच   रही किसी भी अधिकारी की नजर


शराब ठेकेदारों द्वारा आबकारी नियमों को धता बताते हुए मनमाने तरीके से दुकानें संचालित की जा रही हैं। शहर में पुलिस की नाक के नीचे अधिकांश दुकानें अपने निर्धारित स्थान पर न खोलकर अन्य जगह से संचालित की जा रही हैं। इटावा की अंगे्रजी शराब दुकान बड़ी बजरिया, बड़ी बजरिया की दुकान छोटी बजरिया में, खिमलासा रोड की अंग्रेजी दुकान खुरई रोड पर संचालित की जा रही हैं।
 

यहां भी चल रहा शराब का अवैध कारोबार


विधानसभा के खिमलासा थानान्तर्गत आने वाले 50 गांवों में से 40 गांवों में ठेकेदार द्वारा उपकलारी खुलवाकर शराब बिकवाई जा रही है। गांव-गांव खुली उपकलारियां आबकारी एवं पुलिस विभाग को नजर नहीं आ रही हैं। गाँव-गाँव में खुली उपकलारियों के कारण पूरे क्षेत्र का माहौल दूषित हो रहा है। गांव तो ठीक बीना रोड पर खिमलासा में ही स्थित अंग्रेजी शराब दुकान के बाजू में अवैध रूप से बिना अनुमति के ठेकेदार द्वारा अहाता चलाया जा रहा है। जिससे शासन के राजस्व को तो चूना लग ही रहा है, साथ ही अहातें में चल रहे जामों और शराबियों के शोर से आस-पास रहने वाले लोग आतंकित हो रहे हैं।

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