सागर। मनरेगा में धांधली करने के आरोप में दोषी पाए गए जिले की एक जनपद के सीईओ, एसडीओ को जहां निलंबित कर दिया गया है। वहीं उपयंत्री की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। मिली जानकारी के अनुसार केसली जनपद के सीईओ ओएन गुप्ता को मनरेगा के अंतर्गत कपिलधारा कुंआ निर्माण में वरती गई अनियमितता के चलते निलंबित किया गया है।
यहां बता दें कि यह पहले भी निलंबित हो चुके हैं। टीकमगढ़ में रहने के दौरान इनक े ऊपर निलंबन की कार्रवाई की गई थी। सहायक यंत्री गजेन्द्र पटेल को निलंबित किया गया है। बताया गया है कि ग्राम पंचायत भुसेरा के कुछ आवेदकों ने कपिलधारा कुंओं के निर्माण में अनियमितता किए जाने के संबंध में शिकायत की थी। जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है कलेक्टर योगेन्द्र शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री समाधान आन लाइन कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी।
यह भी बताया गया है कि आवेदन के आधार पर श्री पटेल को जांच करने के लिए नियुक्त किया गया था। लेकिन इनके द्वारा जो जांच प्रतिवेदन दिया गया वह वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा की गई जांच से भिन्न निकला। तब इसकी शिकायत सीएम आॅनलाइन की गई। शिकायत की जांच करने के निर्देश कमिश्नर को दिए गए। कमिश्नर ने इसकी जांच करने कलेक्टर को पत्र लिखा।
तब कलेक्टर ने इसके लिए जिला पंचायत सीईओ, ग्रामीण स्वास्थ्य यांत्रिकी कार्यपालन यंत्री को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। जिला पंचायत सीईओ के द्वारा 4 दिसंबर को स्थल निरीक्षण किया गया। और निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने कमिश्नर को प्रतिवेदन भेजा। जिसके आधार पर सीईओ श्री गुप्ता और सहायक यंत्री पटेल निलंबित किए गए।
पंचायत सचिव निलंबित, छिने वित्तीय अधिकार
केसली के ग्राम पंचायत भुसेरा सचिव दिनेश पाराशर को निलंबित कर वित्तीय अधिकार छीन लिए गए हैं। साथ ही उपयंत्री की संविदा सेवाएं समाप्त कर दी गई है। ग्राम पंचायत सरपंच मायारानी को धारा 40 का नोटिस देने एसडीएम देवरी को निर्देशित किया गया है।
इनका कहना हैकेसली ब्लाक की ग्राम पंचायत भुसेरा के कुछ आवेदकों ने कपिलधारा कूप निर्माण में आनियमितता किए जाने की शिकायत की थी। शिकायत की जांच कराई गई। गंभीर अनियमितता उजागर होने पर जनपद सीईओ ओएन गुप्ता, सहायक यंत्री गजेन्द्र पटेल को निलंबित कर दिया गया है। अगर ऐसी ही अनियमितताएं उजागर होंगी तो नहीं बख्सा जाएगा।
आरके माथुर, कमिश्नर, सागर



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