सागर। सागर के छानबीला थाना अंतर्गत ग्राम कजरावन में सहकारिता चुनाव के चलते हुए पिता पुत्र में विवाद के बाद आरोपी पिता ने रात को पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी और सुबह खुद को भी गोलीमारकर मौत के घाट उतार लिया।
जानकारी के अनुसार ग्राम के 55 वर्षीय भगवान सिंह यादव ने रात्रि करीब 9 बजे अपने घर पर बहू के सामने ही उसके पुत्र गोविंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गया। सुबह अपने पुत्र की हत्या से दुखी होकर उसने ग्राम के पास के ही जंगल में खुद को लाइसेंसी बंदूक से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
बताया जा रहा है कि पिता पुत्र के बीच लंबे से विवाद चल रहा था। हालही में हुए सहकारिता चुनाव में पिता पुत्र दो अलग-अलग पार्टियों का सर्पोट कर रहे थे।
विस्तृत रिपोर्ट
पुत्र की हत्या कर की आत्महत्या सहकारिता चुनाव और पारिवारिक विवाद के चलते की वारदात
सागर। छानबीला थाना अंतर्गत ग्राम कजरावन में एक 55 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से अपने पुत्र की निर्मम हत्या कर दी और खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या की। घटना के पीछे पिता पुत्र के बीच पारिवारिक विवाद और सहकारिता चुनाव बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों का पोस्ट मार्टम कराया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भगवान सींग यादव उम्र 55 वर्ष का अपने लड़के गोविंद यादव के साथ लंबे समय से विवाद था। विगत रात्रि करीब 9 बजे उसने अपने घर के सामने ही गोविंद को गोली मारी और फरार हो गया। सुबह उसने गांव के पास स्थित ददरा नाले के पास खुद को भी गोली मार ली।
पिता -पुत्र में था तनाव
पुलिस प्राप्त जानकारी के अनुसार भगवान सींग और गोविंद सिंह में लंबे समय से तनाव चल रहा था। उसका लड़का पिता की नहीं सुनता था। तीन दिन पहले ही पिता पुत्र के बीच तीखी बहस हुई थी। सहकारिता चुनाव में भी पिता पुत्र एक दूसरे के खिलाफ थे। वारदात के दिन ही भगवान सिंह जिस पार्टी को सपोर्ट करता था वह जीत चुकी थी। छानबीला थाने के एसआई एमके जगैत ने बताया कि सहकारिता चुनाव की अपेक्षा दोनों में पारिवारिक विवाद गहरा था, जिस कारण यह वारदात हुई।
बहू के सामने मारी गोली
मृतक गोविंद यादव अपने साथी राजेश यादव के साथ मोटरसाइकिल पर सबार होकर रात करीब 9 बजे घर आया था। जहां पर उसके पिता भगवान सिंह पहले से ही आंगन मे बंदूक लेकर खड़े थे। साथ में उसकी बहू भी थी। जैसे ही उसका लड़का गोविंद सिंह घर आया तो भगवान सिंह बौखला गया। आंगन में खड़ी बहू ने चिल्लाना शुरु कर दिया और बहू भगवान सिंह से गुहार लगाती रही कि गोविंद को गोली मत मारो लेकिन पिता नहीं माना उसने फायर कर दिया। गोली गोविंद सिंह के सीने के दांए तरफ लगी। उपस्थित लोगों ने तत्काल उसे शाहगढ़ पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आत्महत्या से पहले परिजनों से की बात
रात के समय बेटे की हत्या कर फरार भगवान सिंह घटना से काफी दुखी था। उसने रात को ही सोच लिया था कि वह खुद को भी खत्म कर लेगा। उसने रात के समय अपने परिजनों को फोन पर सूचना दी कि वे लोग सुबह छोटा नाला के पास उसे तलाश करें। और उसने मोबाइल बंद कर दिया। परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी और पुलिस को लेकर जब सुबह भगवान सिंह द्वारा बताए गए स्थान पर पहुंचे तो वह अपने आप को स्वयं की बंदूक से गोली मारकर खत्म कर चुका था और उसका शव पत्थरों से टिका हुआ था।
हालही में निकाली थी बंदूक
पुलिस के अनुसार मृतक भगवान सिंह पेशे से किसान था। विगत दिनों हुए मंडी चुनाव को लेकर उसकी 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक को जब्त किया गया था। लेकिन भगवान सिंह तीन पहले ही यह कहकर बंदूक ले आया था कि उसके खेतों में फसलों की रक्षा हेतु एवं जानवरों के डर होने के कारण बंदूक का होना जरूरी है। इससे यह सवाल उठता है कि जब सहकारिता चुनाव संपन्न होने थे तो प्रशासन ने बंदूक क्यों सुपुर्द की।






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