रविवार, 6 जनवरी 2013

अधिकारियों की कार्यशैली से सचिव परेशान

राहतगढ़।  जनपद पंचायत राहतगढ़ की ग्राम पंचायतों में पदस्थ पंचायत सचिवों ने जनपद पंचायत अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाए हैं कि जनपद पंचायत मुख्यालय पर आए दिन आयोजित होने वाले प्रशिक्षणों एवं अन्य कार्यक्रमों में सचिवों को फोन से सूचना देकर बुला तो लिया जाता है परन्तु आने के बाद सचिव अपने आप को उपेक्षित एवं अपमानित महसूस करते हैं।

सचिवों ने बताया कि शनिवार 5 जनवरी को आयोजित सामाजिक सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायकों के मान   सम्मान को न समझते हुए प्रशिक्षण में वैकल्पिक व्यवस्थाएं नहीं की गई, न तो कुर्सियों की पर्याप्त व्यवस्था रही और न ही पीने के पानी की, इतना ही नहीं पंचायत सचिवों को जब नाश्ता कराया गया तो उनके हाथों में ही समोसा एवं कचौड़ी पकड़ा दी गई यहां तक कि कागज की प्लेट की व्यवस्था भी नहीं की गई, जिस पर सचिवों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि हमारा हाल तो भिखारियों से भी बदतर होता जा रहा है और यहां तक कि कुछ पंचायत सचिवों से अधिकारियों द्वारा भेदभावपूर्ण रवैया भी अपनाया जाता है। 

ऐसा ही हाल हर बैठक एवं प्रशिक्षण में बना रहता है। पंचायत सचिवों का आरोप है कि प्रत्येक प्रशिक्षण, बैठक एवं अन्य कार्यक्रमों में शासन से आने वाली राशि का भी कागजों में खानापूर्ति कर बंदरबांट कर लिया जाता है। शासन द्वारा दिए जाने वाले कोई भी निर्देश व आदेशों की छायाप्रति सचिवों को उपलब्ध नहीं कराई जाती और यदि आदेश का पालन नहीं हो पाता तो सचिवों का वेतन रोक लिया जाता है, सचिवों के खाते में वेतन जमा करने एवं अन्य संबंधित कार्यों में भी सेवाशुल्क संबंधितों द्वारा लिया जाता है। सचिवों द्वारा संबंधित अधिकारियों के अनुसार कार्य नहीं किया जाता तो वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष सचिवों की झूठी शिकायतें कर अनियमिताएं बरतने संबंधी आरोप लगा दिए जाते हैं, जिस कारण सचिव आर्थिक एवं मानसिक रूप से परेशान रहते हैं। जनपद पंचायत के समस्त सचिवों ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से जनपद पंचायत के अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगाए जाने की मांग की है। 

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