खुरई। सराय काम्पलेक्स के देवी मंदिर के ठीक सामने से अंग्रेजी शराब दुकान को हटाने के लिए आंदोनलन एक बार फिर शुरू हो गया। लगभग 40 की संख्या में आंदोलनकारी युवकों ने शुक्रवार के सुबह 7 बजे से अंग्रेजी शराब दुकान के सामने धरना देकर अपना अनशन शुरू कर दिया। नारेवाजी और अनशन की बात की जानकारी मिलते ही लगभग 8.30 पुलिस भी पहुंच गई।
दुकान कर्मचारियों ने दुकान खोलने की कोशिश की तो युवकों ने मना कर दिया और कहा कि अधिकारियों को बुलाया जाए उसके बाद ही खोलने दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने यवकों को समझा कर दुकान के सामने से हटने को कहा गया लेकिन युवक नहीं हटे। बाद में एसडीओपी सी के आर्य ने भी आकर अनशन कर रहे युवको को समझाने की कोशिश की लेकिन युवक नहीं माने कहा दो माह का आश्वासन दिया था लेकिन तीन माह से ज्यादा हो जाने के बाद भी प्रशासन ने दुकान नहीं हटाई। हांलाकि थोड़ी देर बाद दुकान खोल ली गई लेकिन युवक दुकान के सामने ही धरने पर डटे हैं।
क्या है मामला
अक्टूबर माह में इस अंग्रेजी शराब की दुकान को हटाने के लिए यवकों ने सात दिनों तक भूक हड़ताल की थी क्योंकि इस दुकान के पास मंदिर और स्कूलों के कारण श्रृद्धालुओं और छात्र-छात्राओं को परेशानी होती है शाम होते ही शराब की दुकान के आसपास शराबियों के जमावड़े के कारण महिलाएं मंदिर नहीं जा सकतीं। यहां तक कि शराबी मंदिर की छत पर भी जमकर शराबखोरी करते हैं पिछले आंदोलन के समय जिला आबकारी अधिकारी आर के जैन ने भी आंदोलन के दौरान चार लोगों के मंदिर की छत पर शराब पीते देखा। पिछले आंदोलन में युवको ने लगभग चार घंटे तक परसा चैराहे पर चक्का जाम किया था। वार्ड की महिलाओं ने भी सड़क पर भजन करके समर्थन किया था। दशहरा के दिन शाम 4 बजे लगभग पुलिस ने लाठी चार्ज किया जिसमें चार युवक और एक 10 साल का बच्चा भी घायल हुआ था। इसमें चार युवको पुष्पेंद्र रारौन,भरत अग्रवाल,शिशिर अग्रवाल और अरविन्द साहू की गिरफ्तारी भी हुई थी।
प्रशासन ने दिया धोखा
आंदोलन कर रहे युवकों ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें धोका दिया है पिछले आंदोलन के समय 60 दिन के अंदर कार्रवाई कर दुकान हटाने को आश्वासन दिया था। लेकिन प्रशासन इस मामले में गंभीर नहीं दिख रहा है। तीन माह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने दुकान नहीं हटाई है।
अधिकारी दिखे दुकान के समर्थन में
युवको ने सभी अधिकारियों पर दुकान ठेकेदार में समर्थन करने का आरोप लगाते हुए बताया कि पिछला इतना बड़ा जन समर्थन मिलने के बाद भी कार्यवाही नहीं की और अभी भी कह रहे हैं कि दुकान हटानें में समय लगता हैं तो फिर पिछली बार 60 दिनों के अंदर दुकान हटाने की बात क्यों कही थी।
सागर में दो दिन में हटी दुकान
आंदोलन से जुड़े युवकों ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन को इस दुकान से मिलने वाले दो करोड़ के राजस्व के आगे कुछ नहीं दिख रहा जबकि सागर के गउ घाट के पास मस्जिद के पास की दुकान लोगों की अपत्ति के बाद एक दो दिन में ही हटा दी गई थी। सिलोधा शिविर में आए कलेक्टर योगेन्द्र शर्मा ने 15 दिन के अंदर दुकान दूसरी जगह विस्थापन का आश्वासन दिया था। इसके बाद भी अधिकारियों की मंशा ठीक नहीं दिख रही है।
इनका कहना है
नियम के हिसाब से शराब की दुकान नहीं हटाई जा सकती क्योंकि जिन दुकानों में केवल शराब बेची जाती है। पीने की व्यवस्था नहीं होती उन्हें सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों से 50 मीटर के दायरे में संचालित किया जा सकता है।
आरके जैन, जिला आबकारी अधिकारी सागर





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