सागर। मंगलवार की तड़के सुबह दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस में रायफल से लैस दो पुलिसवालों ने टेÑन की तीन बोगियों में चोरी की घटना को अंजाम दिया। पीढ़ित और गुस्साए यात्रियों ने सागर स्टेशन पर करीब दो घंटे तक हंगामा किया। उन्होंने कहा कि पहले चोरों को पकड़ कर लाओ उसके बाद ही गाड़ी आगे बढ़ेगी। स्टेशन मास्टर की समझाइश के बाद यात्रियों का गुस्सा शांत हुआ और आगे बढ़ सकी। जीआरपी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
दरअसल दुर्ग-अजमेर की तीन बोगियों में सुबह करीब 4 बजे जब ट्रेन कटनी व मुड़वारा स्टेशन के पास थी तब बोगी में दो पुलिसवाले आए। उन्होंने यात्रियों से कहा कि आप लोग लाइट बंद करके सो जाएं। दूसरे यात्रियों को परेशानी हो रही है। जिसके बाद उक्त पुलिसवालों ने गाड़ी की तीन बोगियों में चोरी की घटना को अंजाम दिया। जब लोग सो रहे थे तब पुलिसवालों ने एक-एककर कुछ यात्रियों के बैग को उठाकर बाथरूम में ले गए। जहां बड़ी शांति के साथ बैंगों को खांगाला और कीमती सामान पाए जाने पर उसे चुरा लिया। इसके बाद एक यात्री प्रसाधन के लिए गाड़ी के शौचालय में गया तो उसने पाया कि उसका बैग बाथरूम में खुला पड़ा हुआ है। तब यात्री ने अन्य यात्रियों को इसकी जानकारी दी। गाड़ी जब सागर स्टेशन पर आई तो तीन बोगियों के यात्रियों ने उतरकर हंगामा शुरु कर दिया। यात्रियों का कहना था कि पुलिस पहले चोर को पकड़कर लाए उसके बाद ही गाड़ी आगे बढ़ेगी। सूचना मिलते ही जीआरपी थाना पुलिस ने आसपास के स्टेशनों को सूचना दी। करीब एक घंटे बाद स्टेशन मास्टर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे उन्होंने यात्रियों को समझाया और आरोपियों को शीघ्र पकड़ने का आश्वासन दिया।
तीन बोगियों में हुई चोरी
दुर्ग-अजमेर एक्सपे्रस की एस-5, एस-6 एवं एस-3 बोगियों में बदमाशों ने यात्रियों के बैग चुराए और बाथरूम में लेजाकर बड़ी तसल्ली के साथ कीमती माल पर हाथ साफ किया। पीढ़ित यात्री मनोज मौर्य एवं अनिल सुसार ने सागर स्टेशन पहुंचते ही जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मनोज मौर्य दुर्ग से जयपुर जा रहे थे। उनके साथ चालीस विद्यालय के बच्चे थे। मीराबाई गाड़ी से गुना जा रही थी। कीमती सामान चोरी होने पर यात्रियों में आक्रोश था।
ॠफढ और फढऋ में ठनी
यात्रियों का कहना है कि घटना के ठीक दस मिनट पहले हाथों में रायफल लिए दो पुलिसवाले 10-15 मिनट तक बोगी में घूमते रहे। उन्होंने ने ही यात्रियों से लाइट बंद करवाई। यह घटना पुलिस ने की है। यात्रियों के इस बयान से जीआरपी और आरपीएफ में आपस में ठन गई। चर्चा रही कि उक्त बदमाश सागर स्टेशन पर ही उतरे हैं। शख के दायरे में जीआरपी और आरफीएफ दोनों पुलिस स्टाफ रहा। एक तरफ जहां आरपीएफ का कहना था कि हमारा स्टाफ दुर्ग एक्सप्रेस से नहीं बल्कि कामायनी एक्सप्रेस से आया है। वहीं जी आरपी थाना कुछ भी बताने से परहेज करता रहा। हालांकि दोनों थानों में छींटकसी का दौर चलता रहा।
विगत दिनों ही हुई थी 20 हजार की चोरी
गत रात्रि में भोपाल-बिलासपुर ट्रेन की एस -4 बोगी की वर्थ नं. 17 एवं 27 से चोरी की गई थी। घटना शहडोल एवं उमरिया के बीच की है जहां बदमाश दो बैग चोरी कर ले गए थे। बैग के अंदर मंगलसूत्र, पायल, करीब 2 हजार 500 नगद सहित 20 हजार की चोरी हुई थी। पीढ़ित यात्री रंजन जैन ने थाने में इसकी रिपोर्ट लिखवाई थी।
जीआरपी थाना प्रभारी एलपी कस्यप ने बताया कि दुर्ग -जयपुर एक्प्रेस में कुछ यात्रियों के बैग से करीब 35 हजार की चोरी हुई है। जिस पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। साथ ही जीआरपी स्टाफ को दुर्ग-जयपुर एक्सप्रेस के साथ जयपुर तक भेजा गया है। इसके बाद आरपीएफ पुलिस अधिकारी एसके उपाध्याय ने बताया कि हमारा स्टाफ दुर्ग एस्प्रेस से नहीं बल्कि कामायनी एक्सप्रेस से वापस आए थे। हमारा स्टाफ तीन लोगों का था वहीं यात्री दो बदमाशों को बता रहे हैं। मामला जांच में है, जिसके बाद ही स्थिति साफ होगी।



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