सागर। अध्यापक संविदा शिक्षक के संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर जिले स्तर पर धारना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को संभागीय अध्यक्ष राममिलन मिश्रा व समस्त ब्लाक अध्यक्षों के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया।
प्रात: 11 बजे से पीली कोठी के सामने धरना प्रारंभ हुआ अध्यापक संविदा संयुक्त मोर्चा का धरना शाम चार बजे तक चला जिसमे जिले के 11 विकासखंडों से हजारों की संख्या में आए अध्यापक व संविदा शिक्षकों ने अपने-अपने विचार रखे। संभागीय अध्यक्ष राममिलन मिश्रा ने कहा कि अपने प्रांतीय आह्वान पर यह आयोजन किया जा रहा है और 17 फरवरी जिले सहित प्रदेश के समस्त विधायक सांसद एवं मंत्रियों का निवासों का घेराव कर उनको ज्ञापन दिया जाएगा।
आलोक गुप्ता, आरडी अहिरवार, कृपाल सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि 18 फरवरी से 20 फरवरी तक प्रदेश की हजारों शालाओं में कार्यरत अध्यापक संविदा शिक्षक सामूहिक अवकाश लेकर स्कूलों का बहिष्कार करेंगे जिसका समस्त उत्तरदायित्व मप्र शासन का होगा। सुश्री गिन्नी राजा बुंदेला मालथौन ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री समस्त वर्गों की पंचायत बुलाकर घोषणावीर सिद्ध हो रहे है यदि उनमे हिम्मत है तो अध्यापक संवर्ग की पंचायत बुलाकर उनकी 17 वर्षो से उत्पन्न हो रहे प्रश्नों का उत्तर दे तभी उनको संवेदनशील मुख्यमंत्री मना जाएगा। शाहिद अख्तर, राजकुमार कूपर, सुरेश पाराशर, मुकेश तिवारी, संतोष सोपनी, आनंद मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मप्र शासन अपने हठधर्मिता से बाज नहीं आया तो अपने वाले विधासभा चुनाव में इसका परिणाम भुगतना होगा।
सौंपे ज्ञापन में मोर्चा ने मांग की कि अध्यापक संवर्ग का शिक्षा विभाग में संविलियन कर शिक्षकों के समान पदनाम एवं वेतन दिया जाए, अध्यापक संवर्ग को छटवे वेतनमान के आदेश जारी किया जाए, संविदा शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठाता प्रदान की जाए, पुरुष स्थानांतरण नीति शिक्षकों के समापन शीघ्र लागू की जाए। अध्यापक संवर्ग संविदा शिक्षक को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाए। धरना प्रदर्शन में सुनील जैन, कमल जैन, प्रदीप तिवारी, राजकुमार दुबे, पवन गर्ग, सुरेन्द्र पाराशर, राजकुमार कपूर, अमरसींग अलि चौब्े, प्रीति सूर्येश, भारती जैन, रूपचंद रोहित,आबिद खान आदि उपस्थित थे।



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