सागर। संयुक्त केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर केन्द्र सरकार की जनविरोधी, मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 11 यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी सफल रही। अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा बैंकों में हड़ताल का असर देखा गया। जिले में करीब सवा सौ बैंक शाखाएं दूसरे दिन भी बंद रही। हड़ताल के दो दिनों में करीब दो अरब का कारोबार प्रभावित होने की खबर है। हड़ताल के चलते उपभोक्ता परेशान रहे। एटीएम के रुपए खत्म हो जाने से लोग भटकते रहे। वहीं आज जिले की बैंके खुलेंगी।
केन्द्रीय श्रम संगठनों, भारतीय मजदूर संघ, बीएमएस, एटक तथा सीटू ने भी हड़ताल में हिस्सा लिया। सामूहिक रूप से यूनियनों ने म्यूनिसिपल स्कूल से रैली निकाली जो जामा मस्जिद, विजय टाकीज चौराहा, जय स्तंभ, नमक मंडी होते हुए वापस म्यूनिसिपल स्कूल में संपन्न हुई। स्कूल प्रांगण में कर्मचारियों ने सभा का आयोजन किया। प्रदर्शनकारी अपने संगठन के झंडे, बेनर एवं केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी के तख्ते लिए थे। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सभा को संबोधित करते हुए बीएमएस के प्रदेश कार्य समिति सदस्य किशोरीलाल रायकवार ने कहा कि केन्द्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों में वी-निवेशीकरण एवं निजीकरण पर रोक लगाएं। मजदूरों के लिए राष्टÑीय सुरक्षा कोष बनाया जाए। मजदूरों के हित में आर्थिक नीति तथा महंगाई पर रोक लगे। प्रदेश उपाध्यक्ष अजित कुमार जैन ने कहा कि सरकार उदारीकरण की नीतियों को बंद करे। 35 किलो अनाज देश के प्रत्येक परिवार को दो रुपए किलो दे।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन 1 हजार रुपए प्रतिमाह की जाए। श्रम कानूनों का पालन सख्ती से किया जाए। सीटू के रामचरण, केशवप्रसाद तिवारी, रामलखन श्रीवास्तव, चंद्रकुमार कामरेड, लखन भदौरिया आदि ने भी संबोधित किया। इस मौके पर नवीन तिवारी, शिवप्रसाद रैकवार, महेश अहिरवार, श्रीमती ज्ञानमाला ठाकुर, कैलाश जैन, डालचंद अहिरवार, राजकुमार कोरी, नरेन्द्र कुमार, जब्बार खान, आरएस राजपूत, हरीश कुशवाहा, रामप्रसाद दुबे, परषोत्तम पटेल, गोवर्धन पटेल, राजेश मेवाती, राजेश राठौर, सुनील पटेल, सुदामा केशरवानी सहित सभी टेÑड यूनियनों के सैकड़ों महिला पुरुष शामिल हुए।




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