गुरुवार, 21 फ़रवरी 2013

ओपीडी में नहीं बैठे डाक्टर, 50 से ज्यादा मरीज बिना इलाज के लौटे, नोटिस जारी

खुरई। लगता है खुरई के सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ डाक्टरों को किसी कार्यवाही या किसी अधिकारी का भय नहीं रह गया तभी तो लगातार दो दिन तक ओपीडी में डाक्टरों के न बैठने की खबर लगने के बाद भी डाक्टर एक जुट होकर गुरूवार की सुबह ओपीडी में आए ही नहीं न ही किसी मरीज को देखा।

जबकि गुरूवार को ओपीडी में चार डाक्टरों डॉ वीरेन्द्र यादव,डॉ डीबीएस चैहान, डॉ. पीएस नेमा सहित डॉ प्रतीभा गोयल की ड्यूटी थी। लेकिन ये सभी ओपीडी में सुबह से ही नहीं बैठे लगभग 10 बजे सुबह से आए 50 से ज्यादा मरीज ओपीडी के सामने घंटों बैठे रहे लेकिन एक भी डाक्टर नहीं आए।


 घंटो लगे रहे लाईन में


सुबह से 50 से ज्यादा आए मरीज घंटों लाईन में लगे खड़े रहे या ओपीडी के सामने ही बैठे रहे लेकिन कोई भी डाक्टर नहीं आया। कई तो गंभीर मरीज भी ओपीडी के सामने ही लेटे रहे। शास्त्री वार्ड से 85 वर्ष के मरीज के साथ आए परिजनों ने बताया कि वे डेढ़ घंटों से मरीज को लिए बैठे है। डाक्टर नहीं आए। 75 साल के द्वारका प्रसाद ने बताया कि अपने इलाज के लिए आए थे लेकिन एक घंटा हो गया अभी तक डाक्टर नहीं आए।


50 से ज्यादा मरीज बिना इलाज के लौटे


प्रदेश सरकार करोड़ों रूपयों की मुफ्त दवाईयों का प्रबंध कर करोड़ों रुपए प्रचार प्रसार में खर्च करती है कि अधिक से अधिक मरीज शासकीय चिकित्सालयों में अपना इलाज कराएं। लेकिन ये सभी डाक्टर प्रदेश सरकार की मंसूबों में पलीता लगाने में लगे हैं। लगभग चार घंटों तक इंतजार करने के बाद 50 से अधिक मरीज बिना इलाज कराए लौट गए। मरीज राधा रानी ने बताया कि वह स्वयं अपना और अपने पति का इलाज कराने आई है लेकिन डॉक्टर नहीं आए इसलिए वापिस जा रहे हैं। इसी प्रकार 76 साल के मरीज गोकुल दास ने बताया कि 2 घंटों से इलाज कराने के लिए बैठे हैं डाक्टर नहीं आए इसलिए जा रहे हंै किसी प्राईवेट अस्पताल   में कराएंगे इलाज।


इंसानियत हुई शर्मसार


इलाज न करने के साथ सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना भी सामने आई है। एक लकवा का 70 साल मरीज दो घंटो तक जमीन पर डाक्टरों के इंतजार में   पड़ा रहा। ज्यादातर मामलों में गंभीर मरीजों को परेशान नहीं किया जाता लेकिन 70 वर्ष के वृद्ध लकवा के मरीज शास्त्री वार्ड निवासी मूलचंद को दो दिनों से इलाज के लिए बुलाया जा रहा है बुधवार को लाने पर इलाज नहीं हुआ क्योंकि डाक्टर नहीं आए और गुरूवार को भी डाक्टरों के ओपीडी में न बैठने से इलाज नहीं हो सका। मरीज के साथ आई उनकी बेटी गायत्री ने बताया कि दो घंटों से पिताजी को ऐसे ही जमीन पर लिटाए हैं।


समय होते ओपीडी में लगा ताला


इस सबमें एक बात सामने आई कि डाक्टरों के आने का समय भले ही निष्चित न हो लेकिन ओपीडी के बंद होने का समय फिक्स है। जैसे ही दोपहर का 1.00 बजा तुरंत एक व्यक्ति ने आकर ओपीडी में ताला जड़ दिया। ताला लगता देख दर्जनों मरीज अस्पताल से बाहर चले गए। बाद में पता चला कि 1.10 पर आकर डाक्टर पी एस नेमा ने वहां बचे रह गए मरीजों का इलाज किया।

इनका कहना है
ओपीडी न खुलने की बात सामने आई है। सभी डाक्टरों की मीटिंग लेकर चार डाक्टरों को नोटिस देकर समय पर ओपीडी में न आने और लापरवाही का कारण पूछा है। इसके लिए जिला चिकित्सालय भी सूचना भेजी है। निर्देश मिलने पर कार्यवाही की जाएगी।

डॉक्टर शेखर श्रीवास्तव,  बीएमओ खुरई


इनका कहना है
यह दूसरा मामला है जब ओपीडी में डाक्टरों के न बैठने की सूचना मिल रही है। शीघ्र ही कार्यवाही की जाएगी।
कमल सोलंकी, एसडीएम खुरई                                          

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...