सागर। कानून व्यवस्था को बनाए रखने में पूरी तरह असफल प्रदेश सरकार प्रशासन का भाजपाईकरण कर प्रदेश को अराजकता की ओर ढकेल रही जिसके लिए भाजपा नेता गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री विट्ठल भाई पटेल, प्रकाश जैन, प्रभुसिंह ठाकुर, सरेन्द्र चौधरी, पूर्व विधायक उत्तम चंद खटीक, प्रेम नारायण मिश्रा, सुनील जैन, ब्रजबिहारी पटैरिया, प्रदेश कांग्रेस के सचिव स्वदेश जैन पूर्व नगर निगम अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ, कटारे, संतोष पांडे, प्रकाश बिल्थरिया, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हुकुम चंद चौधरी ब्रजकिशोर रूसिया, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा चौधरी निगरानी समिति चेयरमेन संजय भाई पटेल, इंटक अध्यक्ष जितेन्द्र चौधरी आदि ने उक्त आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर भाजपा के जनप्रतिनिधि, सांसद-विधायक विभिन्न कार्यक्रमों के नाम पर शहर में कहीं भी बड़े-बड़े मंच और पंडाल द्वारा आवागमन को रोककर आम जनता व क्षेत्रीय व्यापारियों को परेशानी पैदा करते हैं वहीं दूसरी ओर महिलाओं की आबरू के मुद्दे पर सड़क से दूर किनारे पर कांग्रेस द्वारा लोकतांत्रिक रूप से किए जाने वाले शांतिपूर्ण प्रदर्शन में बाधा उत्पन्न करने के लिए प्रशासन को मजबूर किया गया है।
परंतु भाजपा नेताओं के दबाव में मजबूरन उनका साथ देकर कांग्रेस के जनहितैषी धरना प्रारंभ होने के बाद रूकावट डालने के प्रयासों से यह साफतौर पर उजागर होता है कि प्रदेश भर में सरकार के खिलाफ उठे जनआक्रोश से बौखलाकर भाजपा सरकार द्वारा दमनकारी आदेश प्रशासन को दिए गए है। कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन की सरकार के प्रति स्वामीभक्ति की सराहना करते हुए कहा कि इसके साथ ही लोकसेवक के रूप में राजनैतिक तटस्थता के नियम को भी याद रखा जाना चाहिए अन्यथा आम जनता का विश्वास प्रशासन पर सेक पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा कांग्रेस के घरना को लेकर अपनाई गई दोहरी कार्यप्रणाली की समस्त कांग्रेसजनों ने तीव्र निंदा की है।



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