सागर। कलेक्टर योगेन्द्र शर्मा ने जनसुनवाई में 100 आवेदकों की समस्याएं सुनी और उन्हें निपटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
मंगलवार को स्थानीय कलेक्टर कक्ष में सम्पन्न जनसुनवाई में ग्राम चांदपुर के रूपसिंह ने आवेदन दिया कि चांदपुर मौजा में उनकी जमीन तालाब निर्माण में अधीग्रहीत हुई और उन्हें ग्राम चांदपुर में ही अन्य स्थल पर दो हेक्टेयर भूमि बदले में मिली थी जिस पर वे 40 वर्षो से खेती कर रहे हैं । अब तहसीलदार ने उक्त जमीन का किसी अन्य को पट्टा दे दिया है और उन्हें जमीन से हटाया जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी रहली को आवश्यक जांच करने के निर्देश दिए । जनसुनवाई में ग्राम उमरा के मनीराम ने आवेदन दिया कि उनका एवं उनकी माता के नाम पटवारी हल्का नं. 2 में 5-5 एकड़ की भूमि का पट्टा मिला था और वे उस जमीन पर अभी काबिज है । उन्होंने अनुरोध किया कि उक्त पट्टे की जमीन के राजस्व अभिलेख में गौरझामर निवासी महेश बरकोटी का नाम दर्ज हो गया है। उन्होंने राजस्व रिकार्ड दुरूस्त कराने का आवेदन दिया। इस संबंध में कलेक्टर ने तहसीलदार गढ़ाकोटा को पूरा प्रकरण लेकर केसली में आयोजित रात्रिकालीन ग्राम चौपाल में उपस्थित रहने के निर्देश दिए ।
जनसुनवाई में ग्राम करार्पुर के 86 वर्षीय वृद्ध रामनाथ राठौर ने आवेदन दिया कि उन्होंने अपने पुत्र कैलाश व पुरषोत्तम के नाम से उनके बचपन में ही ग्राम गोदई बण्डा में 4.75 डिसमिल जमीन खरीदी थी अब उन्ही पुत्रों ने जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया और मकान में भी कब्जा करके भगा दिया है । उन्होंने अनुरोध किया कि उनकी वृद्ध पत्नी कैंसर से पीड़ित है उनके इलाज के लिए पैसे भी नहीं है। वृद्ध रामनाथ ने अपने पुत्रों से जमीन वापस दिलवाए जाने का अनुरोध किया। इस संबंध में कलेक्टर ने तुरन्त एसडीएम सागर को रामनाथ का भरण पोषण अधिनियम के तहत प्रकरण बनाकर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए ।
जनसुनवाई में खुरई के पीएल पालीवाल और राकेश दुबे ने आवेदन प्रस्तुत किया कि मध्यम वर्गीय आय कर्मचारी सहकारी गृह निर्माण समिति खुरई के पूर्व अध्यक्ष ने अपने बेटे के साथ मिलकर समिति के मूल संस्थापक सदस्यो को प्लाट आवंटित नहीं किए और अपात्रों को ऊंचे दामों में बेच दिया है। उक्त समिति 15 अक्टूबर 2008 को भंग हो गई इसके बाद भी पूर्व अध्यक्ष के बेटे ने अधिकार के बिना 6 प्लाटों की रजिस्ट्री कर दी है । उन्होंने आवश्यक जांच कराकर दोषी के विरूद्ध कार्रवाई करने की अपील की। इस संबंध में कलेक्टर ने एसडीएम खुरई को हिदायत दी कि वे अधिकार नहीं होने पर यदि रजिस्ट्री की गई है तो तुरन्त दोषी व्यक्ति के विरूद्ध अवैध कालोलाईनिंग का प्रकरण दर्ज कराएं।



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