सागर। देश के अन्य प्रान्तो में स्वाइन फ्लू के मामले उजागर होने के मद्देनजर राज्य सरकार मध्यप्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर स्वास्थ्य अधिकारियों को सावधान रहने के निर्देश दिए है । इसी क्रम में आज सागर में अपर कलेक्टर पीएस जाटव की अध्यक्षता में चिकित्सा अधिकारियो की बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें स्वाइन फ्लू की संभावना को देखते हुए विभिन्न क्षेणी के मरीजों का उपचार कैसे किया जाए इस संबंध में चिकित्सकों को परामर्श दिए गए।
स्थानीय सिविल सर्जन कार्यालय में मुख्यचिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय बडोन्या, आईएमए और प्रायवेट डाक्टर्स एसोशिएशन के सदस्यों एवं विभिन्न चिकित्साधिकारियों की मौजूदगी में शनिवार को संपन्न स्वाइन फ्लू की सावधानी संबंधी बैठक में चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ.अभिताभ जैन ने आवश्यक सुझाव चिकित्सकों को दिए। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए मरीजों को तीन श्रेणी में चिन्हांकित कर लें इसके बाद उन्हें उपचार देंवे।
‘ए’ श्रेणी में वे मरीज जिन्हें साधारण सर्दी, खांसी व थोड़ा बुखार हो। इसमें चिन्ता की कोई बात नहीं इन्हें दवाएं देकर आराम की सलाह दें ।
‘बी’ श्रेणी में अधिक बुखार, प्रिगनेंट मदर, डायाविटीज, हाईडिसीज, पांच वर्ष से कम और 75 वर्ष से अधिक आयु के मरीजो को अस्पताल में देखें, इलाज दें और घर पर आराम करने की सलाह दें।
‘सी’ श्रेणी में उन मरीजों जिनको स्वांस लेने में ज्यादा तकलीफ हो, रक्त चाप कम हो, निमोनिया के लक्षण दिखे उन्हें अस्पताल में भर्ती कर पूर्ण आराम कराए।
स्वाइन फ्लू से बचाव के परामर्श
बैठक में तय किया गया कि हर स्तर से आमजनों को स्वाइन फ्लू से बचने के संबंध में उपाय बताए जाए ।
जिसमें नियमित हाथ धोए, भीडभाड़ वाले इलाको से दूर रहें, सर्दी खांसी होने पर तुरन्त चेकअप कराएं, भयभीत न हो, उपचार कराएं।



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