सागर। प्रदेश में कानून व्यवस्था की बदतर हालत के चलते अबोध बच्चियों व महिलाओं के साथ बलात्कार एवं हत्या की बढ़ती घटनाओं के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित प्रांत व्यापी आंदोलन के अन्तर्गत जिला कांग्रेस कमेटी शहर व ग्रामीण ने तीनबत्ती पर धरना दिया। कांग्रेसियों को धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली थी। प्रतिबंधित क्षेत्र होने के कारण प्रशासन का कोई भी अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा।
जिससे कांग्रेसी भड़क गए और ज्ञापन को तीन बत्ती गौर मूर्ति पर ही चस्पा कर मानव श्रृंखला बनाई। उधर सिटी मजिस्टे:ट ने कांग्रेसियों पर कार्रवाई करने के लिए सीएसपी को आदेश जारी किए हैं।
धरने को संबोधित करते हुए शहर जिला कांगे्रस अध्यक्ष रेखा चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिला हिंसा की बढ़ती घटनाओं व जनता की सुरक्षा को लेकर नाकामी के चलते प्रदेश सरकार संवेदनहीन होकर तानाशाही पर उतर आयी है, और कांग्रेस द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का दमन करने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा धरने को बलपूर्वक रोकने का प्रयास किया गया।
जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष हीरासिंह राजपूत ने कहा कि अपराधी तत्वों में प्रशासन और सरकार का भय अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने प्रदेश सरकार के इशारों पर जिला प्रशासन द्वारा महिला हितों की लड़ाई को लेकर किए जा रहे आंदोलन में संवेदनहीनता की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रदेश की निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। पूर्व विधायक सुनील जैन ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार कानून व्यवस्था के नाम पर जनता से खिलवाड़ कर रही है।
मानव श्रृंखला बनाई, गौर मूर्ति पर चस्पा किया ज्ञापन
धरना प्रदर्शन के पश्चात महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन देने की पूर्व सूचना के बावजूद जिला प्रशासन के किसी अधिकारी की धरना स्थल पर उपस्थिति नहीं होने से आक्रोशित एवं उत्तेजित कांग्रेसजनों ने भाजपा सरकार और जिला प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए गौर मूर्ति पहुंचकर प्रतिमा परिसर में ज्ञापन चस्पा कर अपना विरोध किया तथा श्रृंखला बनाकर विरोध जताया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला एवं पुरूष पुलिस बल मौजूद रहा।
जिला कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता डॉ. संदीप सबलोक ने कहा कि प्रदेश में बालिकाओं एवं महिलाओं के साथ निरंतर बढ़ते बलात्कार व हत्याओं को रोक पाने में असफल प्रदेश की भाजपा सरकार अब प्रशासन का राजनीतिकरण कर लोकतांत्रिक परम्पराओं और प्रक्रियाओं की हत्या करने पर उतरआया है।
प्रतिबंधित क्षेत्र है तीनबत्ती
मामले में सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना सोलंकी ने बताया कि कांग्रेस द्वारा किए जा रहे धरना प्रदर्शन की अनुमति उन्हें नहीं दी गई थी। चूंकि यह क्षेत्र कार्यक्रमों के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र है। कांग्रेसियों को फोन पर सूचना दी गई थी कि वे उक्त स्थान पर कोई भी धरना प्रदर्शन न करें यदि उन्हें विरोध करना है तो अन्य स्थान का चयन कर सकते हैं। लेकिन वह नहीं माने और तीनबत्ती पर धरना प्रदर्शन कार्यक्रम शुरु कर दिया। जिस कारण कांग्रेसियों पर कार्रवाई करने के लिए सिटी मजिस्टे:ट ने सीएसपी प्रमोद सोनकर को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है।
धरना प्रदर्शन में यह रहे शामिल
स्वदेश जैन, बृजकिशोर रूसिया, गुरमी सिंह इल्ले, मुन्ना चौबे, चक्रेश सिंघई, राम शर्मा, मोहन लाल सोम्या, सुरेन्द्र चौबे, प्रभुदयाल बिल्थरिया, मधु सिलाकारी, अभिषेक दुबे, अंकित जैन, आशीष ज्योतिषी, संतोष तिवारी, आनंद हैला, रामजी दुबे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।



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