शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2013

जेपी पॉवर प्लांट में किसानों को दिलाई जाएं नौकरियां

बीना।  मप्र सरकार बड़े-बड़े उद्योगपतियों की रखैल के रूप में कार्य कर रही है। इस सरकार ने हमेशा किसानों के साथ छल कपट किया है। उद्योगों के लिए मप्र की बेशकीमती किसानों की जमीनें दिलाकर उन्हें ऊंट के मुंह में जीरे के समान मुआवजा दिया गया है। जेपी पॉवर प्लांट से लाखों रुपए लेकर मप्र शासन ने इस प्लांट को किसानों की जमीनें दिलाईं किंतु उन्हें अनुबंध होने के बाद भी कोई नौकरियां नहीं दी गईं।

इतना ही नहीं जेपी प्लांट के लिए कोयला ढुलाई रास्ते के आसपास किसानों के खेतों पर कोयले की धूल की परते जम गईं है जिससे फसलें और जमीन बर्बाद हो गई है। जिसका नुकसान मुआवजे के रूप में सरकार को जेपी प्लांट से दिलाना होगा। उक्त उद्गार अंबेडकर चौक पर भारतीय किसान संघ के प्रदेशाध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ने व्यक्त किए। 

उन्होनें कहा कि मप्र के इतिहास में किसानों मजदूरों का सबसे बड़ा आंदोलन 20 दिसंबर 2010 में किया गया जिसमें 3 लाख किसान मजदूरों ने 12 हजार ट्रेक्टर ट्रॉलियों से प्रदेश की राजधानी को घेरा था और 183 न्यायोचित मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। सरकार ने घबराकर 50 मांगों पर सहमति बनाई और एक माह में ये मांगे पूरा करने का आश्वासन दिया इसके बाद मप्र सरकार ने किसानों को छला और सवा लाख बिजली चोरी के झूठे प्रकरण किसानों पर लादे गए। 


नई राजनैतिक संभावनाओं पर विचार


प्रदेशाध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ने कहा कि भारतीय किसान संघ के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए मप्र शासन से कई लोग उन्हें खरीदने आए। कुछ ने उन्हें सत्ता का लालच भी दिया किंतु तमाम प्रलोभनों को नकारते हुए भारतीय किसान संघ अब किसानों और मजदूरों की भलाई के लिए नई राजनैतिक संभावनाओं को जन्म देगा। उन्होनें कहा किसान मजदूर प्रजा पार्टी के नाम से राजनैतिक दल का गठन किया जाएगा और इसी उद्देश्य को लेकर हम सभी पिछले एक माह से जगह-जगह अपनी आमसभाएं और यात्राएं कर रहे हैं। 

आमसभा में भारतीय किसान संघ के तत्वाधान में मप्र शासन के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। जिसमें किसानों को ऋण मुक्त किए जाने, तुषार पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने, बिजली बिल माफ किए जाने, जेपी प्लांट ने किसानों की जमीन के ऐवज में उनकी योग्यतानुसार नौकरियां दिलाए जाने, जेपी पॉवर प्लांट में कोयला ढुलाई रास्ते के आसपास के किसानों को होने वाले नुकसान का मुआवजा दिलाए जाने सहित लगभग 12 मांगों संबंधी एक ज्ञापन पत्र भी दिया गया। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...