खुरई। जब कभी किसी नामी गिरामी व्यक्ति या उसके परिवार का कोई सदस्य लापता होता है तो पुलिस तो क्या उनके आलाअधिकारी तक भाग दौड़ करते नजर आने लगते हैं लेकिन यदि किसी गरीब व्यक्ति की बात हो तो वही पुलिस उसकी शिकायत लेने को तैयार नहीं होती है। ऐसा ही मामला खुरई के गोविन्द पिता अनंदी लाल प्रजापति उम्र 32 वर्ष निवासी ईंट भट्टों के पास श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड का है।
जो 26 नवम्बर 2012 से लापता है। वह अपनी 6 साल की बच्ची गीतिका के इलाज के उदयपुर राजस्थान के नारायण सेवा संस्थान ले गया था। लौटते समय से वह चित्तौड़गढ़ रेल्वे स्टेशन से लापता है और उसी स्टेशन पर उसी बच्ची गंभीर हालत में रेल्वे पुलिस को प्लेटफार्म पर मिली थी। गोविन्द प्रजापति की पत्नि सुमन प्रजापति उम्र 26 वर्ष तभी से अपने पति की तलाश में भटक रही है।
बच्ची के इलाज के लिए गया था उदयपुर
गोविन्द अपनी 6 साल की बच्ची गीतिका के पैर के इलाज के लिए गया था। गीतिका रानीदुर्गावती शाला की कक्षा 2 की छात्रा है उसके शिक्षक ने उसे नारायण सेवा संस्थान में इलाज के लिए सुझाव दिया था। सीहोरा के पास बरोदिया निवासी राजेन्द्र यादव के साथ उदयपुर गया था। राजेन्द्र यादव अपने बच्चे के इलाज के लिए वहीं रूक गया लेकिन जांच के बाद आगे की तारीख लेकर गोवन्दि लौट आया। जिसके बाद वह चित्तौड़गढ़ रेल्वे स्टेशन से लापता है।
गंभीर हालत में मिली थी गीतिका
सुमन ने बताया कि उसकी बच्ची चित्तौड़गढ़ रेल्वे पुलिस को गंभीर और बेहोशी की हालत में मिली थी। उसने बताया कि 28 नवम्बर को रेल्चे पुलिस का फोन आया कि उसकी बच्ची बेहोशी की हालत में अकेली स्टेशन पर मिली है जिसे पुलिस ने सांवलिया जी जनरल हास्पिटल में भर्ती कराया था। जिसे घर ले आने के बाद भी 15 दिन बाद ठीक हो सकी उसके चहरे और सिर में चोटों के निशान और सूजन थी। गीतिका की हालत अब ठीक है लेकिन उसे यह नही मालूम कैसे उसे चोटें लगी और बेहोश कैसे हुई उसने केवल इतना बताया कि उसके पिता पानी लेने गए थे उसके बाद से नहीं लौटे।
पुलिस नहीं लिख रही शिकायत
लापता गोविन्द की पत्नी सुमन ढाई माह से थाने एसडीओपी कार्यालय के चक्कर काट रही है लेकिन पुलिस उसकी तलाश करना तो दूर उसकी शिकयत लेने तक को तैयार नहीं है पुलिस का कहना है कि चित्तौडगढ़ में ही उसकी तलाश करो वहीं पर मामला दर्ज कराओ जबकि वहां की पुलिस भी तलाश नहीं कर रही है। उसका कहना है कि अब वह अपने चार बच्चों को कैसे पाले।गोविन्द के छोटे भाई अनिल ने बताया कि वह कई बार चित्तोड़गढ़ और उदयपुर पुलिस के पास जा चुका है लेकिन अभी तक पुलिस ने ठीक से तलाश भी शुरू नहीं की है।
ढाई माह से लापता गोविन्द की पत्नि, चारों बच्चों और मां का रो रो कर बुरा हाल है। कि कब गोविन्द का कोई पता मिल सके इसके लिए उन्होंने जगह जगह पोस्टर और पंपलेट भी बांटे लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी। गोविन्द की एक और बच्ची हिमानी से बात करना चाहा तो बच्ची बोल नहीं सकी और आंखो से आसूं आ गए केवल इतना ही बता सकी कि पापा के बिना अच्छा नहीं लगता।
इनका कहना है
यह महिला कई बार थाने और मेरे कार्यालय में आ चुकी है। यह मामला चित्तौड़गढ़ का है वही जाकर शिकायत करने से ही उसकी तलाश हो सकेगी। हमे तो इस संबंध में जानकारी तक नहीं है कि मामला क्या है।
सीके आर्य एसडीओपी खुरई



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