सागर। भाजपा और प्रदेश कि मुखिया शिवराज सिंह चौहान विधानसभा चुनाव आते देख और प्रदेश के किसानों में अपने घटते जनाधार से भयभीत होकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पंचायतों और किसानों की याद सताने लगी है ।
भोपाल में आयोजित हुई किसान महापंचायत को प्रदेश के किसानों के साथ छलावा तथा भाजपा द्वारा सत्ता और शासकीय धनराशि का दुरूपयोग बताते हुए मप्र शासन के कृषि एवं सहकारिता पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने प्रेस को जारी ब्यान में कहा कि शिवराज सिंह सरकार और भाजपा किसान महापंचायत कर अपने कुकर्म छुपा रही है और प्रदेश के मुखिया भाजपा नेताओं को खुश करने की गरज से सत्ता का बेजा इस्तमाल कर रही है जबकि सच्चाई कुछ और ही है । वर्ष 2012-13 में लघुत्तम सिंचाई योजना के परकुलेशन टेंक सम्पूर्ण मप्र के लिए 1 पैसा नहीं दिया तथा भारत सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त योजनाएं जैसे आईसोफार्म, एनएफएसए अन्तर्गत किसानों को स्प्रिंकलर, पाईप लाईन का वितरण नहीं हुआ ।
उन्होंने कहा कि सागर जिले के नरयावली विधानसभा क्षेत्र से लेकर अधिकांश जिले कृषि विभाग में राज्य शासन से किसानों के हेण्डपम्प उत्खनन पर रोक लगा दी है, प्रदेश में राज्य सरकार के विभिन्न टेक्स व बिजली की बढती दरें आम आदमी व किसानों की कमर तोड़ रही है । जारी ब्यान का समर्थन करने वालों में ठाकुर लगन सिंह, पुरूषोत्तम शिल्पी, रामदयाल चैबे, अशरफ खान, मुन्ना विश्वकर्मा, अनिल कुर्मी, रामप्रसाद पटेल, संजू घोषी, संतोष यादव, शेख समद, विनोद रजक, अरविन्द मछन्दर, अफजल खान, रामसेवक अहिरवार, सरफराज पठान आदि अनेक कांग्रेसजन शामिल हैं।



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