सागर। कलेक्टर योगेन्द्र शर्मा ने जिले में स्थापित समस्त समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्रानिक तौल कांटा के माध्यम से तौल किए जाने के निर्देश दिए है। साथ ही किसानों के गेहूं की सही तौल के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश गेहूं खरीदी केन्द्र के संचालक व संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए हैं।
कलेक्टर द्वारा गेहूं खरीदी केन्द्रों में किसानों से गेहूं खरीदी के समय सही तौल के संबंध में जारी निदेर्शों में उल्लेख किया है कि इलेक्ट्रानिक तौल कांटे का नियमानुसार नापतौल कार्यालय से सत्यापन करवाएं सत्यापन प्रमाण पत्र मौके पर साथ में रखें। प्रतिदिन खरीदी प्रारंभ करने के पूर्व इलेक्ट्रानिक कांटे की जांच 50-50 किलो के सत्यापित बांटो से आवश्यक रूप से करें । 50-50 किलो के दो बांट रखने पर यदि मानीटर में 100 किलोग्राम अंकित होता है तो कांटा सही है ।
कमी अथवा वृद्धि की स्थिति में तुरंत ही अधिकृत मैकेनिक को बुलाकर कांटा ठीक करवाने के उपरांत ही खरीदी कार्य चालू करें । खरीदी के समय यह सुनिश्चित करें कि कांटा समतल स्थान पर रखा हो एवं कांटे का प्लेटफार्म पूर्णत: साफ हो। तौल के समय कांटे पर किसी का स्पर्श न हो । मानीटर पर तौल स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। तौल परिसर में 50-50 किलो के दो सत्यापित बांट आवश्यक रूप से उपलब्ध रहे ताकि किसान किसी भी समय इलेक्ट्रानिक कांटे की सत्यता की जांच कर सकें। इस आशय का एक सूचना पटल (बोर्ड) खरीदी केन्द्र के सहगोचर स्थान पर प्रदर्शित करें कि इलेक्ट्रानिक तौल कांटे की सत्यता की जांच किसी भी समय परिसर में उपलब्ध 50 किलो के सत्यापित बांट से की जा सकती है। निर्देशों का पालन न करने वाले खरीदी केन्द्रों पर विधिक मापविज्ञान 2009 की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।



कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें