बीना। पद की चाहत में कानून व्यवस्था को हाथ में लेकर कुछ भी कर गुजरने के लिए मंडी अध्यक्ष पद के दावेदार प्रत्याशी के समर्थकों द्वारा हम्माल/तुलावटी मंडी सदस्य का अपहरण कर उसे रात भर बंधक बनाए रखने की घटना से बीना में सनसनी फैल गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंडी चुनाव में हम्माल/तुलावटी वार्ड से संतोष अहिरवार विजयी घोषित हुए थे।
शुक्रवार को उनका विजयी जुलूस निकलने के बाद शनिवार को दोपहर के समय वे घर से बाहर निकले और रातभर घर नहीं लौटे। नाटकीय घटनाक्रम में सुबह लगभग 8 बजे बीना पुलिस ने उन्हें बीना से लगभग 5 किमी दूर बिहरना गांव में घूमते हुए बरामद किया। थाने पहुंचकर संतोष अहिरवार ने बताया कि उनका अपहरण किया गया था और मंंडी सदस्य का चुनाव जीतने वाली प्रीति नायक के पति राजू नायक व उनके मित्र आशीष बड़कुल उन्हें सफेद कार में बिठाकर बिहरना ले गए जहां किसी सरदार जी जगप्रीतसिंह भोगल के मकान के एक कमरे में उन्हें बंद कर दिया।
रविवार की सुबह लगभग 5 बजे कमरे के दरवाजे खुले देखकर वे भाग निकले और मोबाईल से अपने पुत्र रूपेश को फोन पर सूचना दी। रूपेश और उसके परिजनों ने थाने में आकर संतोष अहिरवार के अपहरण की सूचना दी जिस पर पुलिस ने तत्काल बिहरना गांव पहुंचकर संतोष को बरामद कर लिया। एसडीओपी अरविंदसिंह चौहान ने पत्रकारों को बताया कि आरोपी राजू नायक एवं आशीष बड़कुल पर धारा 342, 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है विवेचना के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पहले प्रलोभन दिया और फिर धमकी दी
संतोष अहिरवार द्वारा जो कहानी पत्रकारों को बताई गई उसके अनुसार पहले उसे एक व्यापारी शैलेन्द्र जैन अपने घर ले गए जहां राजू नायक, आशीष बड़कुल और मुकेश जैन सेतपुर ने उसे अध्यक्ष के चुनाव में प्रीति नायक को वोट देने के ऐवज में 11 खंती का प्लाट और 2 लाख रुपए नगद धन राशि देने का प्रलोभन दिया। इसके बाद संतोष का यह कहना था कि मुझे विदिशा जाना था तब राजू नायक ने कहा कि हम छोड़ देते हैं ऐसा कहकर सफेद रंग की एक कार में बैठा लिया और बिहरना गांव में जगप्रीतसिंह सरदार जी के मकान में बंद कर दिया।
रात में इन लोगों ने आकर धमकी दी कि तुमने अगर हमारी बात नहीं माने तो तुम्हारे बच्चों को उठा लेंगे और तुम्हें जान से मार देंगे। सुबह पांच बजे दरवाजा खुला देख कर हम लोग बाहर आ गए और मोबाईल से अपने परिजनों को सूचना दी। जब संतोष को बंद किया गया था उसके बाद उसने मोबाईल से अपने परिजनों को जानकारी क्यों नहीं दी मामले में उसका कहना है कि जिस कमरे में उसे बंद रखा गया था वहां मोबाईल के सिग्नल नहीं मिल रहे थे।
पुलिस नहीं मानती अपहरण
मामले में पुलिस ने घटना को अपहरण नहीं माना है। एसडीओपी ने पत्रकारों को बताया कि संतोष अहिरवार अपनी स्वयं की मर्जी से गया था। और बाद में यदि उसे कमरे में बंद कर दिया गया तो यह घटना बंधक बनाए जाने के अपराध की है जो हमने दर्ज कर लिया है संतोष को जबरदस्ती नहीं ले जाया गया था। पुलिस ने घटना स्थल भी स्पष्ट रूप से न बताते हुए यह कहा कि संतोष और उसका साथी गांव के पास घूमते हुए मिल गए।
जबकि इस संदर्भ में संतोष अहिरवार द्वारा जिस व्यक्ति के मकान में रखे जाने की बात की जा रही है उन जगप्रीत भोगल का कहना है कि किसी को मेरे मकान में रखा जाए और मुझे ही पता नहीं हो यह कैसे संभव है। उन्होनें कहा कि पुलिस विवेचना में सब कुछ खुलकर सामने आ जाएगा।
बापट के घर हवाई फायर
एक और राजनैतिक घमासान के चलते भाजपा के जिला उपाध्यक्ष संजय बापट के निवास ढुरूवा में उनके घर पहुंचकर अज्ञात लोगों ने हवाई फायर किए और गाली गलौज की। घटना के समय संजय बापट अपनी पत्नि के इलाज हेतु भोपाल गए हुए थे और उनके छोटे भाई विकास बापट घर पर थे। घटना की जानकारी संजय बापट ने सागर पहुंचकर जिला पुलिस अधीक्षक को दी।
बापट के यहां कार्यरत शेरसिंह लोधी की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में संजय बापट ने प्रदेश टुडे को बताया कि मंडी चुनाव को लेकर कुछ लोगों को यह शक था कि वे उनके विरूद्ध प्रचार कर रहे हैं और इस मामले को लेकर कुछ लोग मेरे घर पर भी चर्चा करने आए थे।
मैनेंं उन्हें विश्वास दिलाया था कि ऐसा कुछ नहीं है मैं अपनी पत्नि के इलाज के लिए पिछले कई दिनों से भोपाल में ही हंू। इसके बाद इस प्रकार की घटना मेरी समझ से बाहर है। यह पक्का है कि जो लोग भी आए थे वे कम से कम लूट के इरादे से नहीं आए होंगे। मैनें जिला पुलिस अधीक्षक को मामले से अवगत करा दिया है।



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