सोमवार, 17 दिसंबर 2012

आंकलित खपत बताकर ठगे जा रहे उपभोक्ता

बीना।  इन दिनों विद्युत मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तानशाह रवैए से आम विद्युत उपभोक्ता पूरी तरह से त्रस्त हो चुके हैं। तैनात अधिकारी विद्युत चोरी रोकने की बजाए सुविधा शुल्क के एवज में बढ़ावा दे रहे हैं और ईमानदार उपभोक्ताओं को इसका खामियाजा भरना पड़ रहा है। जिन्हें आंकलिक खपत के नाम पर विद्युत मंडल के अधिकारियों द्वारा ठगा जा रहा है।

मंडल द्वारा ईमानदार उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बिल जबरिया बसूल किया जा रहा है। उपभोक्ता हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी नरेन्द्र कुमार ने बताया कि  लगभग 8 महिनों से उनका मीटर बंद है मीटर बदलवाने के लिए कई बार आवेदन अधिकारियों को दे चुके हैं लेकिन अभी तक मीटर नहीं बदला गया और विभाग द्वारा आंकलित खपत का बिल चार गुना से ज्यादा जोड़ा जा रहा है। 

जबकि मीटर बदलवाने के लिए कई बार आवेदन कर चुका हूँ। कैलाश मिश्रा ने बताया कि पिछले तीन महीने से 40 से 50 यूनिट आंकलिक खपत का बिजली बिल दिया जा रहा है, जबकि बिजली कटौती के चलते इतनी भी बिजली नहीं मिल रही है कि निर्धारित बिजली भी खर्च कर सकें। विद्युत मंडल द्वारा मीटर घरों के बाहर लगने के बाद भी मनमाने तरीके से बिजली बिल दिया जा रहा है। छोटी बजरिया निवासी रानू जैन ने बताया कि विगत तीन माहों से लगातार आंकलिक खपत जोड़कर बिल दिया जा रहा है। जिसकी शिकायत भी उन्होंने विद्युत वितरण केन्द्र में दर्ज कराई थी लेकिन शिकायत करने के बावजूद भी मनमर्जी से आंकलिक खपत का बिल दिया जा रहा है।

विद्युत वितरण केन्द्र प्रभारी द्वारा सिर्फ चोरी का अंदाजा लगाकर आंकलित खपत दी जा रही है। जबकि चोरों को पकड?े का मंडल द्वारा प्रयास नहीं किया जा रहा है विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते ईमानदार उपभोक्ता लगातार ठगे जा रहे हैं।

मप्र विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा मप्र विद्युत नियामक आयोग के आदेशों को खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। मप्र नियामक आयोग द्वारा 4 सितंबर 2008 में पत्र क्रमांक 1969 के माध्यम से पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल एवं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के अध्यक्ष सह प्रबंध संचालकों को पत्र द्वारा निर्देश जारी किया था कि मीटर द्वारा दर्शाई खपत में आंकलित खपत जोड़कर बिलिंग करना गलत है। 

मीटर रीडिंग के अनुसार खपत में आंकलित यूनिट जोड़कर बिलिंग करने हेतु आयोग का कोई निर्देश नहीं है। विद्युत प्रदाय संहिता 2004 की कण्डिका 9.1, 9.14 से 9.21 तक के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करते हुए आयोग के आदेशानुसार भविष्य में मीटर द्वारा दर्शाई गई खपत में अतिरिक्त आंकलित यूनिट जोड़कर उपभोक्ताओं को बिल जारी नहीं किए गए।

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