सोमवार, 17 दिसंबर 2012

ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में मिल रही मात्र एक घंटे लाईट

खुरई। मध्यप्रदेश सरकार किसानों के लिए अलग फीडर से 15 घंटे से ज्यादा लाईट देने का दावा करते रहते हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लाईट की स्थिति और भी बदतर हो गई है। कोहा फीडर से जुड़े 28 गांवों को दिन में मात्र एक घंटे ही लाईट मिल रही है।

कोहा कुलबाई फीडर से जुड़े दर्जन भर गांव में दिन में मात्र एक घंटे विद्युत सप्लाई से किसान परेशान हो गए है वे अपनी फसलों की सिंचाई बिल्कुल नहीं कर पा रहे हैं। कृषक केप्टन पुरस्कार चौबे ने बताया कि भले ही प्रदेश के मुखिया किसानों की सरकार बता रहे है खेती का फायदे का धंधा बनाने की बात कहते हों लेकिन 15 घंटे बिजली की बात तो कहते हैं लेकिन मिल रही है मात्र तीन घंटे।

उसी में बीच में कई बार कटौती हो जाती है जिससे मात्र एक घंटे ही लाईट मिल पा रही है। ऐसी स्थिति में वे सिंचाई नही कर पा रहे हैं। बार -बार कटौती से मोटर भी चालू नहीं हो पाती। एक बार मोटर चालू करने के बाद मजदूर जब वापस आता है लाईट चली जाती है जब तक वह दोबार मोटर चालू करने जाता है फिर लाईट चली जाती है। इस समय अभी विद्युत विभाग दिन में मात्र तीन घंटे लाईट   दे रहा है लेकिन कटौती के कारण केवल एक घंटे ही मिल पा रही है। रात में भी कहने को छह घंटे सप्लाई बताई जा रही है लेकिन मात्र एक दो घंट ही मिल रही है।

निर्तला, बागथरी सहित कई गांवों के किसानोें बताया कि छोटे किसान लाईट के सहारे ही सिंचाई करते है क्योंकि डीजल के दाम बार बार बढ़ने से इंजन से सिंचाई महंगी पड़ती है। एक घंटे लाईट मिलने से फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। इस संबंध में ग्रामीण क्षेत्र के सहायक उपयंत्री एसके गुप्ता ने बताया कि यह बात सही है कि कोहा फीडर से कम सप्लाई हो रही है। 

वैंसे तो इस फीडर से 11 गांवों को छह घंटे लाईट मिलना है लेकिन बीना के अतिरिक्त 17 गांवों को  जोड़ा गया है जिससे तीन -तीन घंटे लाईट दोनो ओर दी जा रही है। लेकिन बीच -बीच में भी बीना से कटौती हो रही है। ऐसा इसलिए करना पड़ रहा है कि कोहा सब स्टेशन 250 एम्पीयर का है लेकिन इस पर खुरई के लिए 100 और बीना के लिए 200 ऐसे कुल 300 का भार होने के कारण एक- एक करके लाईट की सप्लाई की जा रही है नहीं तो सबस्टेशन खराब हो सकता है। ऐसे ही रात में छह घंटे की कटौती के कारण कम लाईट मिल पा रही है। यह समस्या कुछ दिनों के लिए ही हैं।

इनका कहना है

अभी सिंचाई के समय लगातार एक साथ मोटरें चलने से ऐसी स्थिति बन रही है। लेकिन अधिक सप्लाई के लिए उच्च अधिकारियों से कहा जा रहा है। जल्दी ही सप्लाई में सुधार होगा।
व्हीके गुप्ता, 
डिवीजनल इंजीनियर बीना

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...