सागर। निगम सभाकक्ष में आकस्मिक मृत्यु दर कम करने हेतु कार्यशाला का आयोजन महापौर अनीता हरप्रसाद अहिरवार, आयुक्त सूर्यभान सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुआ। जिसमें डॉ. अश्विनी ने स्वास्थय संबंधी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मनुष्य की मृत्यू दो प्रकार की होती है। आकस्मिक मुत्यू, सामयिक मृत्यु आकस्मिक मृत्यु 45 वर्ष की आयु तक होती है जिसमें मनुष्य अपना पूर्ण जीवन नहीं जी पाता।
सामयिक मृत्यु 15 से 100 वर्ष की आयु में होती है। आकस्मिक मृत्यु के कारण बताते हुए डॉ. अश्विनी ने बताया कि मानसिक तनाव, होता है। मानसिक तनाव में मनुष्य को नींद नहीं आती, बातों का भूलना, चिड़चिड़ापन, होते है। मानसिक तनाव को खत्म करने के उपाया है जैसे हेड मसाज थेरेपी हल्के हाथों से, वाटर ड्रीप थेरेपी, एरोमा थेरेपी, म्यूजिक थेरेपी, सीएलसी थेरेपी के द्वारा तनाव को कम किया जा सकता है।
हार्ट अटैक महिलाओं की अपेक्षा पुरूषों में अधिक होता है महिलाओं में हारमोन्स परिवर्तित होते रहते है जिससे कि उनके शरीर में विभिन्न बदलसव होते है। कार्यशाला के शुभारंभ में आयुक्त सूर्यभान सिंह ने कहा कि इस कार्यशाला को आयोजित करने का उद्देश्य आपके जीवन में तनाव की कमी लाना है। हम सभी स्वस्थ रहें एवं इस कार्यशाला के माध्यम से अधिक से अधिक जानकारी ले सके एवं पूर्ण स्वस्थय जीवन जी सके। इस अवसर पर विजय दुबे, राजेन्द्र दुबे, माधमसूदन त्रिपाठी, आरबी जोशी, रोमान खान, रमेश चौधरी, रामाधार तिवारी, रीतेश अग्रवाल, त्रिलोकी दुबे, प्रहलाद रैकवार, संजय तिवारी, मनोज तिवारी, मुन्नालाल रैकवार बढ़ी संख्या में अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।



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