गुरुवार, 7 फ़रवरी 2013

महिला चिकित्सक ने मरणासन्न युवक से किया अभद्र व्यवहार

बीना। बुधवार को वीरसावरकर वार्ड निवासी निलेश जैन पिता अशोक जैन ने अज्ञात कारणों के चलते सल्फास खा लिया। जिसको गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया।  वहीं परिजनों ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर द्वारा व्यवहार ठीक नहीं किया गया और मरीज को अस्पताल में आक्सीजन लगाने में भी 15 मिनिट तक आॅक्सीजन सिलेण्डर का पाना ढूंढते रहे।

तब परिजनों द्वारा डॉ.बलवीर कैथोरिया को फोन लगाया वह मौके पर तत्काल पहुंचकर इलाज में डॉक्टर का सहयोग किया। उसके बाद मरीज को सागर रैफर कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। 


युवक के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई  


बुधवार को वीरसावकर वार्ड निवासी नीलेश जैन अज्ञात कारणों के चलते सेल्फास खाने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसको लेकर स्वास्थ्य सेवा संगठन के अध्यक्ष मनीष सिंघई ने ड्यूटी पर उपस्थित चिकित्सक डॉ.शशिवाला चौधरी पर आरोप लगाया कि पहले दूसरे मरीजों को देखा गया उसके बाद गंभीर हालत में आए मरीज को देखने में लापरवाही की उसके बाद उन्होनें तत्काल डॉ.बलवीर कैथोरिया को पीड़ित के उपचार के लिए बुलाया। जब उसकी सही तरीके से देख रेख हुई। 

उन्होनें पत्र के माध्यम से शासकीय चिकित्सालय प्रभारी डॉ.एमसी मेघवानी को बताया कि ओपीडी में दोपहर के समय महिला चिकित्सकों की ड्यूटी नहीं लगाई जाए उनकी जगह पुरूष चिकित्सक की ड्यूटी लगाई जाए जिससे कोई बड़ी घटना या दुर्घटना होती है तो वह उसका उपचार में तत्काल देख रेख होने लगती है। महिला चिकित्सकों को केवल सुबह के समय ही ड्यूटी लगाई जाए। 

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