बीना। इसे शासन की गलत नीतियों का परिणाम ही माना जाएगा कि भ्रष्टाचार के आरोप में कलेक्टर द्वारा हटाए गए सरपंच के स्थान पर उक्त भ्रष्टाचारी सरपंच की पत्नी को सरपंच उपचुनाव में जिताकर पुन: उसी के परिवार को सरपंची दे दी गई। ज्ञात हो कि निबोदा सरपंच दयाराम अहिरवार ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया था जिसकी शिकायत पर कलेक्टर ने सरपंच को पद से हटा दिया था। गांव में पुन: चुनाव हुए और उनमें उसी भ्रष्ट सरपंच की पत्नी चुनाव जीत गई।
बुधवार को निवोदा पंचायत में सरपंच पद के लिए हुए उपचुनाव में कलीबाई पति दयाराम अहिरवार को सर्वाधिक मत प्राप्त हुए। मतगणना में वह 65 वोटों से आगे बताई जाती हैं। जीत की विधिवत घोषणा गुरूवार शाम को की जाएगी। इस पंचायत में पूर्व सरपंच को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने पर पद से हटा दिया गया था। नव निर्वाचित कलीबाई उन्हीं की जगह सरपंच चुनी गर्इं हैं। जानकारी के मुताबिक उपचुनाव के लिए चार उम्मीदवारों ने नामांकन जमा किया था।
कलीबाई को गांववासियों ने बहुमत के साथ जिता दिया। उनके प्रतिद्वंदी के रूप में बब्लू अहिरवार, लखनलाल एवं सीताराम थे। पंचायत में मतदाताओं की संख्या 1119 थी जिसमें से 65 फीसदी मतदान हुआ। मतदान के लिए बेरखेड़ी माफी एवं निवोदा में मतदान केन्द्र बनाए गए थे। पंचायत इंस्पेक्टर बीएस बरूआ ने बताया कि चुनाव शांति पूर्ण संपन्न हो गए। चुनाव की विधिवत घोषणा गुरूवार शाम को की जाएगी। 6 माह पूर्व कलेक्टर ने तत्कालीन सरपंच दयाराम अहिरवार को शासकीय जमीन पर अतिक्रमण करने के मामले में पद से हटा दिया था। उनके 6 वर्ष तक चुनाव लड़ने पर रोक लगाई गई है। कलीबाई दयाराम अहिरवार की पत्नी है।



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