
खुरई। वैसे तो केन्द्र सहित सभी प्रदेश की सरकारें अपने अपने तरीकों से एड्स को गंभीरता से लेते हुए उसके बचाव के लिए प्रचार प्रसार जोरों से कर रही हैं। लेकिन स्वयं एचआईव्ही पीड़ित अमर कुमार रामचंद्र धोलाणी निवासी रसाला केम्प, भावनगर गुजरात इस बीमारी के बचाव के संदेशों का प्रचार प्रसार साईकिल द्वारा संपूर्ण भारत की यात्रा नवंबर 2011 से लगातार करते हुए लोगों को जागरूक कर रहा है।
रविवार के दिन अमर कुमार खुरई में भी लोगों को इस बीमारी के बारे में गंभीरता से बताते हुए इसके दुष्परिणम बताए और बचाव के उपाय बताते हुए लोगों को जागरूक किया। श्री धोलाणी इसके लिए विभिन्न भाषाओं में पंपलेट वितररित कर जागरूक कर रहे हैं। लोगों को इनके प्रचार प्रसार का तरीका काफी हद तक अच्छा लगा और इनकी बात पूरे तरीके से सुन अमल करने का संकल्प भी लोग ले रहे हैं।
श्री धोलाणी ने बताया कि समाज में एचआईव्ही पीड़ितों को अच्छी नजर से नहीं देखा जाता था और उनका तिरस्कार किया जाता था, इस बात से प्रेरित होकर लोगों को जागरूक करने और यह बताने कि यह बीमारी छुआछूत से नहीं फैलती है तथा समाज में इससे पीड़ित लोगों को तिरस्कृत न किया जावे। अभी तक वे भारत के सात राज्यों सहित म.प्र. के 22 जिलों में प्रचार कर लोगों को जागरूक किया जा चुका है। श्री धोलाणी जो स्वयं एचआईव्ही पॉजीटिव हैं इस कारण इनके द्वारा किया जा रहा जागरूकता प्रचार लोगों को ज्यादा असर कर रहा है। श्री धोलाणी लोगों को यह समझाते हैं कि एचआईव्ही पीड़ित समाज के तिरस्कार के नहीं बल्कि स्नेह के हकदार हैं। यह बीमारी छूत और संक्रमण की बीमारी नहीं है यह अवैद्य संबंध, संक्रमित रक्त और संक्रममित इंजेक्षन के लगाए जाने से फैलता है।
लोगों को बीमारी के लक्षण बताते हुए समझाया कि लंबे समय तक बुखार आना, खांसी आना,शरीर का वनज कम होना, शरीर के उपर दाने निकल आना, टीवी की दवाईयों का असर न होना, बिना काम के थकावट आना आदि लक्षण दिखाई देते हैं।
इनके प्रचार से प्रभावित सागर नाका निवासी गोकल प्रसाद ने बताया कि इनके एड्स के बचाव के बताने का तरीका सरल एवं प्रभावी है चूंकि ये स्वयं एचआईव्ही से ग्रसित हैं इस कारण से लोगों को इस बीमारी से ग्रसित लोगों की पीड़ा बताकर लोगों को इसके प्रति जागरूक कर रहे हैं।



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