
राहतगढ़। शासन द्वारा जहां एक तरफ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा महिलाआ को समाज में पुरूषों के बराबर दर्जा देने के प्रयास किए जा रहे हैं वहीं महिलाओं पर अत्याचार रूकने का नाम नहीं ले रहे तथा आए दिन महिलाओं के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं।
ऐसा ही मामला थाना क्षेत्र के ग्राम हिरनखेड़ा में सामने आया जहां एक नवविवाहिता सहित उसके मां-बाप को ससुराल पक्ष के लोगों ने विगत् शनिवार को अपने घर में लगभग 6 घंटे बंधक बनाकर हथियारों के दम पर कोरे स्टाम्प पर नवविवाहिता एवं उसके पिता से जबरन हस्ताक्षर करा लिए तथा उनसे मारपीट की जिसकी शिकायत नवविवाहिता ने राहतगढ़ थाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से करते हुए बताया कि वह ग्राम चीकली थाना ग्यारसपुर जिला विदिशा की निवासी है, उसका विवाह राहतगढ़ थाना के ग्राम हिरनखेड़ा निवासी सईम पिता सकूरूद्दीन के साथ जनवरी 2012 में हुआ था, विवाह के करीब आठ माह बाद उसके पति सहित ससुर, देवर एवं जेठ द्वारा दहेज की मांग को लेकर नवविवाहिता के साथ मारपीट की गई तथा उसके पिता के पास ग्राम चीकली भगा दिया था जहां पीड़िता ने थाना ग्यारसपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई।
रिपोर्ट की सूचना मिलने पर करीब तीन दिन पहले महिला का पति अपनी बहिन के साथ ग्राम चीकली पहॅुंचा एवं अपनी करनी पर गलती की माफी मांगते हुए घटना की पुनरावृत्ति न करने की कहकर ससुराल हिरनखेड़ा ले आया जहां शुक्रवार को ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा फिर से मारपीट कर दी जबकि पीड़िता लगभग सात माह की गर्भवती है फिर भी उसको प्रताड़ित किया गया। उसके बाद शनिवार को पुन: मारपीट की गई जिसकी सूचना पीड़िता द्वारा मोबाइल से अपने पिता को दी उसके बाद नवविवाहिता के मां-बाप हिरनखेड़ा पहुंचे तब ससुराल पक्ष के लोगों ने पीड़िता एवं मां बाप को घर के कमरे में बंधक बनाकर मारपीट की तथा डरा धमका कर कोरे स्टाम्प पर हस्ताक्षर करा लिए। करीब छह घंटे बाद उन्हें घर से भगा दिया। घटना की रिपोर्ट पीड़िता द्वारा राहतगढ़ पुलिस थाने में की तथा न्याय दिलाए जाने की मांग की गई।



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