गुरुवार, 31 जनवरी 2013

पूर्व तहसीलदार अनिल जैन के परिवहन घोटाले का खुलासा

खुरई । कुछ अधिकारी जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में क्या क्या गुल खिलाते हैं वे ही जानते होंगे। लेकिन हर बार ऐंसे अधिकारी कोई न कोई सबूत छोड़ जाते हैं जिससे उनकी करतूत सामने आ जाती है। अब ऐसी ही गलती खुरई में पदस्त पूर्व तहसीलदार अनिल जैन कर गए कि शासकीय वाहन को जिस तारीख में गैरिज में सुधर है उसी तारीख में उसे शासकीय कार्य से सड़कों पर दौड़ाना दशार्या गया है। एक ही वाहन एक ही समय में दो अलग अलग अधिकारियों द्वारा चलाया बताया गया है।

ऐसे ही एक मामले का खुलासा खुरई के आर टी आई कार्यकर्ता विनय सप्रे ने किया है। उन्होंने राजस्व विभाग के तहसीलदार के वाहन की जानकारी सूचना के अधिकार के अंतर्गत लेने पर पाया कि इसमें एक बड़ा परिवहन घोटाला हुआ है। वर्ष 2009 से अब तक की जानकारी में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें लाखों का घोटाला सामने आया है।


एक ही वाहन एक ही समय में दो जगह गया


श्री सप्रे ने खुलासा करते हुए बताया कि दिनांक 3 जनवरी 2011 में तहसीलदार का शासकीय वाहन क्रमांक एमपी 02 आरडी 1504 मूल लाग बुक में राजस्व निरीक्षक डीपी राय द्वारा शासकीय कार्य से जबलपुर पेशी के 466 किलोमीटर चलाना दशार्या गया है वहीं जनगणना लागबुक में जनगणना जैसे बड़े कार्य के लिए सागर 120 किलोमीटर चलना बताया गया है। 

 जबकि नियम है कि जिले से बाहर वाहन ले जाने के लिए कमिष्नर से अनुमति लेनी पड़ती है तो जबाब में बताया गया कि दूरभाष पर मौखिक अनुमति ले ली गई थी।

 इसी प्रकार दिनांक 10 अक्टूबर 2009 को फुल इंजन रिपेयरिंग के लिए न्यू आजाद गैरित में सुधरना बताया है वहीं में वाहन शासकीय कार्य से खिमलासा जाना आना बताया गया है। लाग बुकों को देखने पर जानकारी में आया कि इसी माह की 5 तारीख से 11 तारीख तक वाहन लगातार सुधार कार्य के लिए रखा रहा तो शासकीय कार्य के लिए लगातार सड़कों पर दौड़ता बताया गया है।


एक ही वाहन दो अधिकारियों ने चलाया


मूल लागबुक में दिनांक 13.01.11 को तहसीलदार को मिला शासकीय वाहन तहसीलदार अनिल जैन द्वारा सुबह 10.30 से शाम 7 बजे तक चलाना बताया तो   उसी तारीख में वही वाहन नायब तहसीलदार संजय जैन ने दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक दूसरी जगह चलाया। दिनांक 5.01.11 को मूल लाग बुक में वाहन का निर्तला आना जाना बताया तो वही वाहन जनगणना के कार्य से लगभग आधा दर्जन से ज्यादा गांवों की खराब सड़कों पर 180 किलोमीटर कैसे चल सकता है। 


लाग बुक में कई जगह काटछांट मिली


श्री सप्रे ने बताया कि उन्हें मिली लागबुक की सत्यापित प्रतियों में कई जगह ओवर राईटिंग भी मिली हैं जिसमें तारीखें सुधारी गई हैं जिनमें महीनों तक का अंतर आ गया। उन्हें अंदेशा है कि जब से उन्होंने जानकारी मांगी है तभी यह सुधार कार्य किया गया है। तहसीलदार अनिल जैन के कार्यकाल की पूरी लागबुक एक ही हेंडराईटिंग में है जिसमें किसी भी जगह माइलोमीटर नहीं दशार्या गया है।


 नहीं मिली दैनिन्दिनी


श्री सप्रे ने लागबुक के साथ अधिकारियों की दैनिन्दिनी चाही थी लेकिन वह यह कहकर नहीं दी गई कि पिछले अधिकारियों ने दैनिन्दिनी बनाई ही नहीं है। उसमें अधिकारी अपने हर दिन के क्रियाकलाप समय के साथ दर्ज करते है।


कई फर्जी बिल भी मिले


इस जानकारी में उपलब्ध कराए गए कई बिल फर्जी प्रतीत हो रह हैं क्योंकि तहसीलदार द्वारा भुगतान किए गए दर्जनों बिलों पर किसी भी प्राप्तकर्ता का नाम तक नहीं मिला। कई ऐसे बिल भी मिले हैं जब गाड़ी एक दिनांक में एक जगह सुधर रही है तो उसी तारीख में दूसरी जगह का बिल भी सुधार कार्य के लिए लगा है।


डीजल खरीदी में घोटाले का खुलासा


पूरी लागबुक को जांच किया जाए तो डीजल खरीदी में भी एक बडे़ घोटाले का अंदेशा है क्योंकि केवल 09.11.09 से 29.11.09 तक के डीजल के बिलों पर गौर किया जाए तो लगाया गया बिल और वाहन के किलोमीटर में उपयुक्त डीजल से एक ही बिल में एक हजार से अधिक का अंतर आया है। ऐसे सैकड़ों बिलों को जांच करने पर एक बड़ा खुलासा हो सकता है। श्री सप्रे ने बताया कि यदि पूरी लागबुक की छानबीन सही तरीके से की जाए तो लाखों का घोटाला सामने आ सकता है। ऐसे कई और मामले इसी लागबुक से जुडे़ हैं अधिकारी चाहें तो वे अपने प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं।


कई तहसीलदार शामिल


श्री सप्रे ने बताया कि ऐसा नहीं है कि केवल अनिल जैन के कार्यकाल की बात है यदि पूरी लाग बुक की जांच की जाए तो कई तहसीलदार और जांच के  घेरे में आ सकते है।

इनका कहना हैं
यह पूरी जानकारी सूचना के अधिकार के अंतर्गत मेरे द्वारा ही उपलब्ध कराई गई है जिला कार्यालय से भी एक फाईल इसी संबंध में मेरे समक्ष जांच के लिए आई है यह बात सही है कि कई जगहों पर एक ही वाहन दो जगहों पर जाना बताया गया है। या सुधरने के दौरान चलाया जाना बताया गया है जो संभव नहीं है इसकी गहन जांच की जा कर वरिष्ट अधिकारियों के लिए कार्यवाही के लिए भेजी जाएगी।
दिनेश शुक्ला, तहसीलदार खुरई
  
रणजीत सिंह सेवानिवृत्त
सागर। सागर में पदस्थ उपसंचालक पशुचिकित्सालय सेवाएं रणजीत सिंह 31 जनवरी को सेवा निवृत्त हो गए। जिन्हे विभागीय परिवार ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। विदाई समारोह अवसर पर संयुक्त संचालक डाबर व अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी, अजीत सिंह सहित परिवारजन मौजूद थे।

स्थिति पुलिस नियंत्रण में
सागर। कर्रापुर में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद तनाव पूर्ण स्थिति अब पुलिस नियंत्रण में है। कर्रापुर चौकी एवं अन्य थानों की पुलिस क्षेत्र में गश्त पर है। गौरतलब है कि रात के समय असामाजिकतत्वों द्वारा दो दुकानों में आग लगा देने के बाद क्षेत्र में स्थिति एक बार फिर तनावपूर्ण हो गई थी। जिसके बाद एसडीएम ने कर्रापुर क्षेत्र में आठ दिनों के लिए धारा 144 लागू की थी।

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