मंगलवार, 1 जनवरी 2013

पुलिस हिरासत में युवक की मौत, चक्काजाम

सागर/ हमेशा की तरह विवादों में रहने वाले जिला चिकित्सालय में मंगलवार की तड़के सुबह उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत हो गई। मृतक युवक के परिजनों ने पुलिस द्वारा युवक की बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया है। घटना के बाद गुस्साए कर्मचारियों ने तिली अस्पताल के पास करीब एक घंटे तक चक्काजाम रखा।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। काफी समझाइश के बाद मामला शांत कराया गया। इस मामले में डिस्ट्रिक मजिस्टेट ने न्यायायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। 

जानकारी के अनुसार रामपुरा वार्ड निवासी रूपेश वाल्मीकि उम्र 28 वर्ष को गोपालगंज थाना पुलिस ने 29 दिसंबर को दोपहर करीब 3.30 बजे धारा 323 के तहत गिरफ्तार किया था। उसी शाम उसकी तबियत बिगड़ गई, और उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। 

परिजनों ने आरोप लगाया है कि रात के समय रूपेश को गोपालगंज थाना पुलिस ने तिली अस्पताल में ही उसे बेरहमी से पीटा वह रात भर चीखता चिल्लाता रहा लेकिन पुलिस को उस पर कोई रहम नहीं आया। तड़के सुबह करीब 6.30 बजे रूपेश ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही युवक के भाई और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे घटना से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा खड़ा कर दिया। देखते ही देखते पुलिस के आला आधिकारी भी पहुंच गए। 

अस्पताल में ही सफाई कर्मचारी अमर वाल्मीकि ने बताया कि रात के समय जिस वार्ड में रूपेश भर्ती था उस वार्ड की एक खिड़की खुली थी। उसमें से रूपेश चीखने चिल्लाने की आवाज आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शी अमर वाल्मीकि ने बताया कि जब वह खिड़की पर देखने पहुंचा तो पुलिस वाले उसे पीट रहे थे। जिसके बाद जब वह सुबह रूपेश से मिलने पहुंचा तो खबर मिली की उसकी मौत हो गई है। 

रूपेश के बड़े   भाई ने तिली अस्पताल पहुंचकर घटना की निंदा करते हुए कहा कि गोपालगंज थाना पुलिस ने जो कृत्य किया है उसकी सजा उन्हें भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि 29 दिसंबर को गोपालगंज पुलिस ने रूपेश को मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया था तब वह एक दम स्वस्थ्य तथा दुरुस्त था। गोपालगंज थाना पुलिस ने मामले के निपटारे के लिए उनसे एक हजार रुपए मांगे थे। उन्होंने बताया कि उनके भाई की जमानत भी उन्होंने 31 दिसंबर को करवाई थी। लेकिन पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा। इस घटना के बाद मृतक के परिजन सद्मे में हैं। 

एक घंटे तक चक्काजाम


तिली अस्पताल में गोपालगंज थाना पुलिस द्वारा सफाई कर्मचारी रूपेश वाल्मीकि की पिटाई के बाद हुई मौत को लेकर मप्र लघुवेतन कर्मचारी संघ ने तिली अस्पताल जाकर अस्पताल में हंगामा मचाया और करीब एक घंटे तक चक्काजाम कर दिया। स्वास्थ्य विभागीय समिति के अध्यक्ष जगदीश जारोलिया एवं जिलाध्यक्ष चूरामन रैकवार, संभागीय अध्यक्ष मुन्नालाल सेन, जिला प्रवक्ता राकेश द्विवेदी ने चक्काजाम कर मांग की कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। हालात को बिगड़ता देख पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एसडीएम रवीन्द्र चौकसे मौके पर पहुंचे। नाराज कर्मचारियों को समझाइश दी एवं एसडीएम दोषियों पर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। गोपालगंज थाना पुलिस प्रधान आरक्षक रामपाल एवं अन्य पांच पुलिसकर्मचारियों पर जांच उपरांत कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। 

कांग्रेस ने भी जताई नाराजगी


ब्लाक किसान कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के तत्वावधान में कांग्रेसजनों ने रूपेश की मौत के बाद धरना प्रदर्शन किया। पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि भाजपा के राज में प्रशासन मदमस्त हो गया है। दलित वर्ग के रूपेश वाल्मीकि की पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत उसका एक प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बद् से बद्तर हो गई है। विगत दिनों तिली अस्पताल में हुए गैंगरेप और बलात्कार की घटनाओं से भाजपा सरकार की कानून व्यवस्था की पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इस मौके पर कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। धरना प्रदर्शन में रामजी दुबे, पुरुषोत्तम शिल्पी, अब्दुल साकिर, मुन्ना विश्वकर्मा, भागचंद कुशवाहा आदि उपस्थित थे। 

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