गुरुवार, 17 जनवरी 2013

नगरनिगम में कर्मचारियों का हंगामा, कांच तोड़ा, कुर्सियां फेंकी


सागर। गुरुवार की दोपहर नगर निगम कार्यालय में कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। वेतन में 25 प्रतिशत की कटौती से नाराज निगम कर्मचारियों ने लेखा विभाग के शरद वरसैंया के साथ अभद्रता और गाली गलौच की। लेखा पाल के सामने ही करीब ढाई सौ कर्मचारियों ने जमकर उत्पात मचाया। कांच की खिड़की तोड़ी गई, कुर्सियां भी फेंगी गई। लेकिन मजे की बात यह रही कि जब यह हंगामा हो रहा था तो नगर निगम आयुक्त भी कार्यालय में मौजूद थे लेकिन उनको इसकी जानकारी तक नहीं लगी। 


हंगामा को देखने निगम के कर्मचारियों व अधिकारियों की भीड़ लग गई। करीब एक घंटे बाद मामला शांत हुआ। आयुक्त ने कर्मचारियों को बुलाकर समझाइश दी। लेखापाल शरद बरसैंया ने बताया कि निगम में करीब सात -आठ सौ कर्मचारी हैं, प्रतिमाह उनका वेतन डेढ़ करोड़ के ऊपर जाता है। शासन से 93 लाख रुपए ही मिलते हैं। बाकी पैसा निगम प्रशासन जुटाता है। चूंकि निगम प्रशासन इनकम कम हो रही है इसलिए कर्मचारियों को 75 प्रतिशत वेतन दिया गया। बाकी 25 प्रतिशत वेतन माहीने भर बाद उनको देने वाले थे। इसी बीच गुरुवार की दोपहर करीब तीन बजे करीब ढाई सौ कर्मचारी एकत्रित होकर लेखा विभाग आए और बहस करने लगे। उपस्थित कर्मचारियों ने लेखापाल के साथ गाली गलौच और अभद्रता की। कर्मचारियों के क्रोध को देखते हुए लेखापाल ने कार्यालय बंद कर चले गए। कर्मचारी और भड़क गए उन्होंने निगम कार्यालय में तोड़फोड़ कर हंगामा शुरु कर दिया। आयुक्त सूर्यभान सिंह की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।


ठेकेदारों के बिल पास होते हैं हमारा वेतन काटते हैं


उपस्थित कर्मचारियों ने कहा कि नगर निगम कहता है कि उसके पास पैसे नहीं हैं, निगम प्रशासन ठेकेदारों के लाखों के बिल पास कर देता है क्योंकि उसमें इनको बीस प्रतिशत कमीशन मिलता है। वहीं निगम प्रशासन उनके वेतन की कटौती कर रहा है, चूंकि यह त्योहारों की सीजन है उन्हें घर पर पैसे जरूरत होती है। लेकिन निगम बिना किसी सूचना दिए उनके पैसे में काटौती कर देता है। कर्मचारियों ने कहा कि हालही में नगर निगम ने खेल महोत्सव का आयोजन कर लाखों रुपए खर्च कर दिए। प्रशासन उनकी ओर ध्यान नहीं दे रहा है। कर्मचारियों के नियमितिकरण के लिए भी प्रशासन केवल आश्वासन देता आ रहा है।

इनका कहना है..........................................................

नगर निगम कार्यालय में हंगामे की उन्हें जानकारी नहीं है। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी उनसे शिकायत करता है तो मामले की जांच की जाएगी। इसके आधार पर ही कार्रवाई होगी। 

नगर निगम आयुक्त सूर्यभान सिंह


नगर निगम कर्मचारियों के लिए इस महीने में डीए सहित करीब 1 करोड़ 72 लाख रुपए वेतन देना था। शासन से सिर्फ 93 लाख रुपए आए थे। बाकी पैसे निगम प्रशासन ही कर्मचारियों को देता है। चूंकि निगम की इनकम कम है तो कर्मचारियों को 75 प्रतिशत वेतन दिया गया था। बाकी का 25 प्रतिशत वेतन पैसे आने बाद एक माह के अंदर दिया जाना था। लेकिन कर्मचारियों ने एकत्रित होकर लेखा विभाग में अभद्रता की। 
शरद बरसैंया, लेखापाल, नगर निगम सागर। 

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