शुक्रवार, 18 जनवरी 2013

महामहोत्सव के द्वितीय दिवस पर निकली विशाल जिनवाणी शोभा यात्रा

खुरई। श्री जिनवाणी अस्थाप, वेदी प्रतिष्ठा कलशारोहण वेदी सूतन एवं तिलक महामहोत्सव के द्वितीय दिवस पर विशाल जिनवाणी शोभा यात्रा, तारण पंथ के साधक श्रद्धेय युवा रत्न बाल ब्रह्मचारी आत्मानंद जी महाराज, युवा साधक बाल ब्रह्म. शांतानंद जी महाराज, आत्म साधक ब्रह्म. परमानंदजी महाराज, सुखानंदजी महाराज, मुक्तानंदजी महाराज,


चिदानंद जी महाराज एवं ब्रह्मचारिणी बहिन सुशीला, ब्रह्म. जिनय, ब्रह्म. ऊषा बहिन, ब्रह्म. सुषमा बहिन, ब्रह्म. सुधा बहिन, ब्रह्म. किरण बहिन, ब्रह्म. आशा बहिन एवं प्रतिष्ठाचार्य नीलेश जी, रतनलाल, भीकमचंद भागचंद जी, महेशचंद जी, एवं विद्वत द्वय के मार्गदर्शन में मेला ग्राऊण्ड नेहरू स्टेडियम से प्रारंभ होकर जैन चैत्यालयजी में पहुंची। 


जिनवाणी शोभा यात्रा में 11 रथ, बघ्घियां, अश्वारोही, गज एवं विभिन्न   स्थानों से आए वाद्ययंत्र अखाड़े एवं समस्त राष्ट्र से आए तारण-तरण युवामंडल के सदस्य शामिल थे। शोभा यात्रा में मुख्य रथ पर समाज रत्न श्रावक शिरोमणि श्रीमंत प्रेमचंदजी, श्री प्रकाशचंद जी, एवं श्रीमति चित्रा समैया, संजय समैया आदि विराजमान थे। शेष रथों पर कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सावाई सेठ विकास समैया एवं उनकी श्रीमति अल्का समैया विराजमान थीं। 

उसके उपरांत क्रमश: सवाई सेठ आकाश एवं श्रीमति स्वाति समैया का रथ चल रहा था, उसके उपरांत नैनी समैया, अमन समैया, जिन्सी समैया, अर्पण, आयुष्मान, पर्वराज आदि विराजमान थे, अंत में श्रीमति वाणी वैशाखिया धर्मपत्नि स्व. श्री अनिल जी वैशाखिया बासौदा वाले विराजमान थे।  जिनवाणी शोभायात्रा की नगर में समस्त जैन समाज ने आरती उतारी एवं आयोजक परिवार का अभिनंदन किया। 

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