बीना। मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के साथ ही देश की प्रजनन दर को कम के लिए सरकार कमर कसे हुए है। हितग्राहियों को तमाम योजनाएं लागू करने के बाद अब आशा कार्यकर्ताओं के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आर्थिक लाभ के रास्ते खोलना शुरू कर दिए हैं। अब एक दंपत्ति को स्वास्थ्य शिक्षा एवं परिवार नियोजन तक भूमिका निभाने पर उसे दो हजार रुपए का पैकेज तैयार किया गया है।
अगर सरकार की मंशा इससे पूरी हुई तो महिलाओं के लिए मां बनना एवं सुखद जीवन की कल्पना साकार रूप ले लेगी। पैकेज के मुताबिक किसी युवती की 18 साल के बाद शादी होते ही आशा का काम शुरू हो जाएगा। यदि आशा ने विवाह पंजीयन कर महिला को दो साल बाद बच्चे को जन्म देने के लिए राजी कर लिया तो उसे पांच सौ रुपए मिलेंगे। इसके बाद दूसरे बच्चे के जन्म में तीन साल का अंतर बनाने के लिए अस्थाई गर्भनिरोधन का साधन अपनाने पे्ररित करने पर पांच सौ रुपए मिलेंगे।
दो बच्चों के बाद अगर आशा दंपत्ति को स्थाई गर्भ निरोधक अर्थात नसबंदी कराने प्रेरित करती है तो उसे एक हजार रुपए और मिलेंगे। इस तरह यह दो हजार का पैकेज पूरा हो जाएगा। नसबंदी के लिए अन्य कर्मचारियों को मिलने वाले डेढ़ सौ रुपए उसे पृथक से मिलेंगे इसके अलावा अन्य प्रेरक राशियों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। विभाग इसे बहु उपयोगी कदम मानकर चल रहा है।



कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें