सागर। कलेक्टर योगेन्द्र शर्मा ने जनसुनवाई में 75 आवेदकों की समस्याए सुनी और उन्हें निपटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
मंगलवार को स्थानीय कलेक्टर कक्ष में संपन्न जनसुनवाई में केशवगंज वार्ड सागर निवासी श्रीमती लक्ष्मीबाई कबीरपंथी ने आवेदन दिया कि वे साहित्यकार स्वर्गीय लक्ष्मीप्रसाद कबीरपंथी की पत्नी है जिन्हें संस्कृति विभाग से आजीवन एक हजार रुपए मासिक पेंशन स्वीकृत हुई थी। उनके पति का निधन 9 जुलाई 12 को हो गया है। उन्होंने उनके स्वर्गीय पति को स्वीकृत पेंशन विधवा श्रीमती लक्ष्मीबाई के नाम किए जाने का अनुरोध किया।
इस संबंध में कलेक्टर ने साहित्यकार के नाम से स्वीकृत पेंशन विधवा पत्नी श्रीमती लक्ष्मीबाई के नाम करने संबंधी प्रस्ताव संस्कृति संचालनालय भोपाल को आज ही प्रेषित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में ग्राम उमरा के मनीराम ने आवेदन दिया कि ग्राम पंचायत उमरा में वर्ष 2001 में अनुसूचित जाति के लोगो को भूमि स्वामी के पट्टे स्वीकृत हुए थे और उसी दिन 5 फरवरी 2001 से उन्होंने कब्जा लेकर खेती का कार्य शुरू कर दिया था जो अब तक जारी है।
मनीराम ने उल्लेख किया कि अब कई वर्षो बाद उसकी जमीन की रकबे की बही और पट्टा अन्य व्यक्ति महेश कूरे के नाम बनाकर दे दिया है जो ग्राम बरकोटी तहसील देवरी के निवासी है। उन्होंने इसकी जांच कराए जाने का अनुरोध किया। इस संबंध में कलेक्टर ने एसडीएम रहली को जांच कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में राजेश राठौर ने आवेदन दिया कि उनके पिता तहसील देवरी में पटवारी थे जो 30 जून 2011 को रिटायर्ड हो गए है। उनके पिताजी को दो वर्ष बाद भी पेंशन स्वीकृत नहीं हुई है और न ही उनकी जीपीएफ पासबुक बनी है। इस संबंध में कलेक्टर ने तुरंत सेवानिवृत्त पटवारी की राशि का बिल खजाने से पारित कराकर राशि संबंधित के खाते में ई पेमेंट से जमा कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित तहसीलदार और कोषालय अधिकारी को हिदायत दी कि वे सेवानिवृत्त पटवारी की मासिक पेंशन प्रकरण शीघ्र स्वीकृत कराने की कार्यवाही करें।
जनसुनवाई में रहली निवासी श्रीमती अफरोज बेगम ने आवेदन दिया कि उनका पुत्र मु. आबिद खान बीएसएफ पंजाब में सैनिक था, जिसकी ड्यूटी झारखण्ड में लोकसभा चुनाव में लगी थी। लोकसभा चुनाव ड्यूटी में पेट्रोलिंग करते हुए उग्रवादियों द्वारा उनके वाहन में विस्फोट किया गया जिसमें उनके पुत्र 16 अपै्रल 09 को शहीद हो गए थे। उन्हें अब तक कोई आर्थिक सहायता प्रदेश सरकार से नहीं मिली है और ना हीं परिवार के किसी सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी गई। इस संबंध में कलेक्टर ने अधीक्षक कलेक्टर कार्यालय श्री साहू को निर्देशित किया कि शहीद हुए सैनिक का आर्थिक सहायता संबंधी प्रकरण और शहीद के परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने के संबंध में आवश्यक प्रस्ताव व प्रकरण बनाकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष अविलम्ब भिजवाएं।



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