मंगलवार, 5 फ़रवरी 2013

कलेक्टोरेट के मुंशी का लाइसेंस निरस्त, एफआईआर के आदेश

सागर।  जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने आज कुल 82 शिकायतों को सुना एवं एक शिकायत के प्रकाश में आने के बाद कलेक्टोरेट में बैठने वाले एक धोखेबाज मुंशी का लाइसेंस निरस्त करने एवं उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा छात्रावास में छात्रों से सफाई करवाने वाले अधीक्षक के खिलाफ भी तुरंत जांच कराने के आदेश दिए। 

मंगलवार को स्थानीय कलेक्टर कक्ष में सम्पन्न जनसुनवाई में ग्राम बागथरी खुरई के मनोहर जार्ज ने आवेदन दिया कि कलेक्ट्रेट परिसर में बैठने वाले एक मुंशी नबाब ने उनका काम कराने के नाम पर छलावे से 40 हजार 500 रुपए ऐंठ लिए है और पैसे वापस नहीं दे रहे। उन्होंने उल्लेख किया कि वे आवेदक जब अपनी बहन की जेठानी की जमीन का प्रकरण चलवाने यहां आया तो मुंशी नबाव ने जमीन का प्रकरण हाईकोर्ट में उनके फेबर में कराने का विश्वास दिलाया और राशि हड़प ली। उन्होंने लेख किया कि आज तक जमीन का कोई प्रकरण न्यायालय में दाखिल नहीं किया और मुंशी पैसे लौटाने से इंकार कर रहा है। जिसकी वीडियो सीडी भी आवेदक ने सौंपी। इस धोखाधड़ी संबंधी शिकायत को सुनकर कलेक्टर ने संबंधित शाखा के प्रभारी अधिकारी को मुंशी का लायसेन्स तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए साथ ही संबंधित मुंशी पर कार्रवाई हेतु पुलिस अधीक्षक को लेख किया। 


दहेज पीड़िता की मदद के आदेश 


जनसुनवाई में ग्राम जेरठ निवासी 72 वर्षीय वृद्ध हबीव अली ने आवेदन दिया कि उनकी पुत्री रिहाना का विवाह 12 वर्ष पहले नदी मुहल्ला रहली निवासी रज्जाव से हुआ था। उन्होंने शिकायत की कि दामाद रज्जाव पहले कुछ समय उनकी लड़की को दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहे। अब उनकी पुत्री रेहाना की तीन बेटियां हो गई है और दामाद ने अन्य महिला को अपने घर में रख लिया है। उनकी पुत्री रेहाना के साथ दामाद व उनकी मां और दामाद के भाई वारी-वारी से मारपीट करते है तथा घर से बाहर निकलने नहीं दे रहे। उन्होंने अपनी बेटी रेहाना की सुरक्षा कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया। इस संबंध में कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को आवेदिका की शिकायत के आधार पर घरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।


छात्रों से झाडू लगवाने वाले अधीक्षक के खिलाफ जांच के आदेश 


जनसुनवाई में शाहगढ़ के शासकीय उत्कृष्ट अनुसूचित जाति बालक छात्रावास के 11 रहवासी छात्रों ने उपस्थित रहकर संयुक्त हस्ताक्षरित आवेदन दिया कि उनके छात्रावास के अधीक्षक सप्ताह में एक दिन आते हैं, छात्रावास में झाडू लगाने से लेकर सभी कार्य छात्रों से कराया जाता है, रसोईया महिला भी छात्रों से बुरा भला कहती है, किचिन की चाबी गांव के अन्य व्यक्ति के पास है, छात्रावास में कोचिंग व्यवस्था भी नहीं है। इन शिकायतों को सुनकर कलेक्टर ने सर्वप्रथम तहसीलदार सागर को तुरन्त छात्रावास का निरीक्षण करने फोन पर निर्देशित किया और प्रतिवेदन देने को कहा, इसके बाद प्रभारी जिला संयोजक को छात्रावास में रूककर व्यवस्थाएं ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच प्रतिवेदन के आधार पर अधीक्षक, रसोईया और अन्य कर्मचारी के विरूद्ध सख्त कार्रवाई होगी। कलेक्टर ने शिकायत करने आए छात्रों को आने-जाने में हुए किराया आदि व्यय की पूर्ति के लिए आदिम जाति कल्याण विभाग से दो हजार रुपए की नगद राशि भी छात्रों को उपलब्ध कराई।


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