बीना/ लगभग 4 माह पूर्व बीना की एक युवती और उसके रेल्वे संगठनों में काविज रिश्तेदार के माध्यम से युवा बेरोजगारों को झांसा देकर लाखों रुपए के ऐवज में रेलवे की नौकरी दिलाने के नाम पर सागर पुलिस द्वारा गिरफ्त में ली गई थी। पुलिस ने अपने सूत्रों से रेलवे में हो रहे फर्जी नौकरियों संबंधी साक्ष्य भी एकत्रित किए थे। बाद में उक्त युवती फरार हो गई थी।
पुलिस का शक बीना में ही रेल्वे कर्मचारी संघ के उसके ही एक रिश्तेदार पर गया था किंतु मामला रफादफा कर लिया गया। चूंकि मामला रेलवे से संबंधित होने के साथ संवेदनशील था इसलिए रेल्वे की विजिलेंस शाखा इस मामले में पिछले कुछ माहों से सक्रिय थी। गुरूवार को रेल्वे विजिलेंस शाखा के लगभग दर्जनभर से अधिक अधिकारियों ने बीना रेलवे क्षेत्र में छापामार कार्रवाई की। जिसमें रेल्वे के चीफ पीडब्लूआई एसपी राजपूत के रेल्वे स्थित आवास तथा उनके दफ्तर पहुंचकर रेल्वे की विजिलेंस शाखा के अधिकारियों ने गहन जांच पड़ताल की। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चीफ पीडब्लूआई एसपी राजपूत पहले शिवपुरी में पदस्थ थे जहां से इन्होंने अपना तबादला बीना में करा लिया था।
बीना के चतुर्थ श्रेणी रेल्वे कर्मचारियों को परेशान करने की शिकायतें भी रेलवे के उच्चाधिकारियों तक पहुंच रही थी। दो कर्मचारियों ने तो इनकी प्रताड़ना से तंग आकर रिटायर्डमेंट भी ले लिया था। वहीं इनके द्वारा रेलवे में खलासाी एवं अन्य चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की फर्जी भर्ती की गुप्त शिकायतें भी रेलवे में पहुंची थीं। इन्हीं सब कारणों के चलते विजिलेंस टीम ने एडीईएन कार्यालय सहित रेल्वे के प्रमुख कार्यालयों मेंं भी छापामार कार्रवाई की। उल्लेखनीय है कि पीडब्लूआई चीफ राजपूत के निवास पर उनके निजी कार्य के लिए तैनात कुछ रेल्वे कर्मचारी भाग निकले।
प्रेस और मीडिया को नहीं दी जानकारी
विजिलेंस टीम के अधिकारियों ने पत्रकारों को इस प्रकार की छापामार कार्रवाई की जानकारी फिलहाल देने से इंकार कर दिया। अधिकारियों कहना था कि उनकी छापामार कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है। किंतु अधिकारियों ने यह संभावना अवश्य जताई कि छापामार कार्रवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी और कुछ बड़े खुलासे इस कार्रवाई के दौरान किए जाएंगे।



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