रविवार, 17 फ़रवरी 2013

मनरेगा की राशि में अन्य ब्लाकों की उपेक्षा

खुरई। केन्द्र शासन सभी ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए मनरेगा के माध्यम से राशि भेजता है। लेकिन ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव सबसे ज्यादा राशि अपने क्षेत्र रहली के लिए ले जाते है। जबकि अन्य ब्लाकों को नाममात्र की ही राशि मिल पाती है।

यह राशि कभी कभार तो 50 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच जाती है कि आधी राशि रहली ब्लाक को दी जाती है शेष राशि अन्य 10 ब्लाकों में बांटी जाती है इस कारण से सभी ब्लाकों का विकास कार्य ठीक से नहीं हो पा रहा   है। मनरेगा की राशि के इस अनियमित बटवारे से सभी अधिकारी परेशान हैं।

क्या कहते हैं आंकड़े

चालू वित्त वर्ष में 4380.43 लाख रूपयों की राशि का वितरण इस प्रकार है
बंडा 324.22 लाख खुरई 296.87 लाख
बीना 157.72 लाख मालथौन 359.05 लाख
देवरी 420.78 लाख राहतगढ़ 419.97 लाख
जैसीनगर 402.86 लाख रहली 1036.25 लाख
केसली 406.9  लाख   सागर 352.52 लाख
शाहगढ़ 203.32 लाख

आंकडों के हिसाब से देखा जाए तो सबसे कम राशि बीना को दी गई है जबकि रहली को बीना से लगभग डेढ़ गुना है। इस अनदेखी और भेदभाव से सभी ब्लाकों को विकास सही तरीके से नहीं हो पा रहा है।


 मांगे 2 करोड़ मिले 14 लाख


 ऐसा नहीं है कि सभी ब्लाकों के अधिकारी राशि की मांग नहीं करते। कई बार मांग करने के बाद भी राशि ऊंट के मुंह में जीरा के समान मिलती है। खुरई व्लाक के लिए वर्तमान में 2 करोड़ की राशि का विकास कार्यों के लिए मांगपत्र भेजा गया था लेकिन मिले केवल 14 लाख रुपए अब इतने अंतर की राशि मिलेगी तो विकास कैसे संभव है।


 4500 मजदूरों की 1.39 करोड़ रुपए मजदूरी बकाया


  केवल खुरई ब्लाक में ही साढ़े चार हजार मजदूरों के लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की मजदूरी बकाया हैै। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है राशि का सही वितरण न होने से ब्लाकों में किस प्रकार की समस्याएं आ रही होंगी। इसके अलावा लाखों रूपयों का विकास एवं निमार्ण कार्य हो चुका है जिसकी उधारी ब्लाक को देनी है और राशि मांगने पर भी नहीं मिल रही है।


 मन रहेगा तो मनरेगा


 जनपद सदस्य राजेन्द्र सिंह नगदा ने बताया कि मंत्री जी सभी ब्लाकों को अपने मन के हिसाब से राशि का वितरण करने है मन है तो ठीक दे दिया नहीं तो रहली ब्लाक में ज्यादा राशि जानी ही है।
 जनप्रति निधि के नाते क्षेत्र की जनता हम सभी से विकास की उम्मीद करती है लेकिन राशि के न मिलने से हम मन मसोस कर रह जाते है।

इनका कहना है
मनरेगा के तहत प्रदेश सरकार को राशि केन्द्र सरकार देती है इसमें समान रूप से सभी ब्लाकों में वितरित होना चाहिए। जिससे सभी ब्लाकों के ग्रामीण क्षेत्रों का विकास हो सके। इस प्रकार से बुंदेलखंड की राशि का भी मनमाने तरीके से वितरण हो रहा है।

पं.अरूणोदय चौबे, खुरई विधायक

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