राहतगढ़। नगर के वार्ड क्र. 11 से लगी वनभूमि पर कुछ लोगों ने जबरन अतिक्रमण कर लिया था जिसे प्रशासन द्वारा बलपूर्वक हटवाया गया।
वन परिक्षेत्र कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार परिक्षेत्र अंतर्गत बीट राहतगढ़ के कक्ष क्र. आरएफ 562 की करीब 10 हेक्टेयर वनभूमि पर कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा कर सामूहिक रूप से अतिक्रमण कर लिया था और उक्त भूमि में प्लॉटिंग के साथ तीन मकानों की नींव भर ली गई थी एवं तीन झोपड़े बना लिए गए थे, शेष जमीन को भी पत्थर डालकर कब्जा स्वरूप चिन्हांकित कर लिया था जिसे वन विभाग द्वारा पहले अतिक्रमणकारियों को मौके से अतिक्रमण हटाने निर्देशित किया जाता रहा परन्तु वनभूमि से अतिक्रमण न हटाए जाने की स्थिति में प्रशासन एवं वन विभाग ने दलबल के साथ अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवई की तथा वन विभाग द्वारा अतिक्रमण को रोकने उक्त भूमि की सीमा पर अवरोधक नाली खोदी गई जिससे आगे उक्त भूमि अतिक्रमण से मुक्त रह सके।
कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों से प्रशासन की नोकझोंक भी हुई तभी भीड़ में से कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। जिसमें कार्रवाई में लगाई गई जेसीबी मशीन के कांच फूट गए बाद में प्रशासन ने सख्ती के साथ भीड़ को तितर बितर किया तथा मौके पर तीन लोगों ने स्वयं अपने झोपड़े हटा लिए और अपना सामान उठा लिया। प्रशासन ने सभी लोगों को निर्देशित किया कि आगे किसी प्रकार का अतिक्रमण न हो अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में एसडीएम एसके अग्रवाल, एसडीओपी एसएस सिकरवार, एसडीओ फारेस्ट एमएस चौहान, तहसीलदार अनिल जैन, रेन्जर एके मिश्रा, टीआई अशोक पाण्डेय सहित भारी तादाद में पुलिस बल, उड़नदस्ता, वनकर्मचारी सहित अन्य प्रशासनिक अमला मौजूद था।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुक्रवार को भी की जाएगी। वहीं इस संबंध में भाकपा सचिव हाफिज हारून का कहना है कि प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई निंदनीय है तथा गरीब मजदूर लोगों के साथ अन्याय है, कार्रवाई के पूर्व किसी भी प्रकार का नोटिस नहीं दिया गया, प्रशासन को चाहिए कि वह गरीब मजदूरों को अन्य जगह निर्धारित कर पट्टा वितरण की कार्यवाही करे जिससे गरीबों को उचित न्याय मिल सके।
कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों से प्रशासन की नोकझोंक भी हुई तभी भीड़ में से कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। जिसमें कार्रवाई में लगाई गई जेसीबी मशीन के कांच फूट गए बाद में प्रशासन ने सख्ती के साथ भीड़ को तितर बितर किया तथा मौके पर तीन लोगों ने स्वयं अपने झोपड़े हटा लिए और अपना सामान उठा लिया। प्रशासन ने सभी लोगों को निर्देशित किया कि आगे किसी प्रकार का अतिक्रमण न हो अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में एसडीएम एसके अग्रवाल, एसडीओपी एसएस सिकरवार, एसडीओ फारेस्ट एमएस चौहान, तहसीलदार अनिल जैन, रेन्जर एके मिश्रा, टीआई अशोक पाण्डेय सहित भारी तादाद में पुलिस बल, उड़नदस्ता, वनकर्मचारी सहित अन्य प्रशासनिक अमला मौजूद था।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुक्रवार को भी की जाएगी। वहीं इस संबंध में भाकपा सचिव हाफिज हारून का कहना है कि प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई निंदनीय है तथा गरीब मजदूर लोगों के साथ अन्याय है, कार्रवाई के पूर्व किसी भी प्रकार का नोटिस नहीं दिया गया, प्रशासन को चाहिए कि वह गरीब मजदूरों को अन्य जगह निर्धारित कर पट्टा वितरण की कार्यवाही करे जिससे गरीबों को उचित न्याय मिल सके।



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